रायगढ़ 18 मई (आरएनएस) घर के आंगन में खून से लथपथ पड़ी 70 साल की मां, बगल में बेहोश घायल मासूम नातिन और 24 घंटे के भीतर बेटे के रूप में निकला कातिल—रायगढ़ के धरमजयगढ़ में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले इस हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। ग्राम चिकटवानी मुडाडीपा में उस वक्त सनसनी फैल गई जब श्रीमती मेरीना लकड़ा (70) अपने ही घर में मृत मिलीं और उनकी 10 वर्षीय नातिन अगोस्टिना लकड़ा गंभीर हालत में पड़ी मिली। सूचना मिलते ही थाना धरमजयगढ़ प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जहां वृद्ध महिला के सिर, माथे और कान के ऊपर गहरे चोट के निशान मिले। घायल बच्ची को तत्काल ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ भेजा गया। शुरुआती जांच में मामला बेहद संदिग्ध लगा और पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 140/2026 के तहत धारा 103(1), 109 बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो शक मृतिका के बेटे संदीप लकड़ा पर जाकर टिक गया। पुलिस ने तत्काल दबिश देकर आरोपी संदीप लकड़ा पिता स्वर्गीय भीमा लकड़ा उम्र 37 वर्ष को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने ऐसा खुलासा किया जिसने हर किसी को झकझोर दिया। आरोपी ने बताया कि वह ड्रायवरी का काम करता है और उसके पांच बच्चे हैं। उसकी बेटी क्रिटीवा का एक्सीडेंट होने के बाद परिवार मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में इलाज के लिए रुका हुआ था। इसी बीच वह अपनी बेटी अगोस्टिना के साथ गांव लौटा और लगातार शराब पीने लगा। मां मेरीना लकड़ा ने उसे शराबखोरी को लेकर फटकार लगाई और डांटा। बस यही बात उसे नागवार गुजरी। आरोपी पहले घर से बाहर गया, फिर और शराब पीकर लौटा और गुस्से में घर में रखा लकड़ी का डंडा उठाकर अपनी मां के सिर और कान के नीचे ताबड़तोड़ वार कर दिए। मां को बचाने दौड़ी 10 साल की बेटी अगोस्टिना पर भी उसने जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। घायल बच्ची किसी तरह जान बचाकर दूसरे घर भागी। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम पर हत्या में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा बरामद कर लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पूरे मामले का खुलासा एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्रवाई में निरीक्षक राजेश जांगड़े, एएसआई गंगाराम भगत, सहायक उप निरीक्षक मंजू मिश्रा समेत पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ संदेश दिया है कि घरेलू हिंसा, हत्या और महिलाओं-बुजुर्गों पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। रिश्तों के खून से सने इस हत्याकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शराब का नशा जब इंसानियत निगलता है तो सबसे पहले अपने ही घर उजड़ते हैं।
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