महासमुंद 19 मई (आरएनएस) महासमुंद जिले की सीमा पर पुलिस चेकिंग के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया जब गुजरात नंबर की एक लग्जरी कार के भीतर बने गुप्त चेंबर से करोड़ों रुपये के सोने के आभूषण बरामद हुए, कार की पिछली सीट के नीचे छिपाए गए पीठू बैग और प्लास्टिक बॉक्स खोलते ही पुलिस जवानों की आंखें फटी रह गईं और अब इस हाईप्रोफाइल गोल्ड ट्रांजिट नेटवर्क की परतें खोलने में जांच एजेंसियां जुट गई हैं। मामला सिंघोड़ा थाना क्षेत्र के एनएच-353 स्थित रेहटीखोल नाका का है, जहां 17 मई 2026 को सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध परिवहन रोकने के लिए सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान उड़ीसा की ओर से आ रही वोक्सवैगन वरटस कार क्रमांक GJ 03 NP 4230 को रोककर तलाशी ली गई। कार में सवार तीन युवकों ने अपने नाम जयेश अकबरी पिता मनसुख भाई उम्र 32 वर्ष निवासी मोडी बायपास ऑपोजिट शांति निकेतन कॉलेज थाना मालवीया जिला राजकोट गुजरात, सुनीत कारेना पिता अश्विन भाई कारेना उम्र 22 वर्ष निवासी मोरविया रोड उत्सव सोसायटी स्ट्रीट नंबर 1 थाना बेरी जिला राजकोट गुजरात और रूशी अग्रावत पिता महेश भाई अग्रावत उम्र 26 वर्ष निवासी मोडी मैन रोड गणेश डेयरी स्ट्रीट मोडी प्लाट थाना मालवीया जिला राजकोट गुजरात बताए। शुरुआती पूछताछ में युवकों के जवाब संदिग्ध लगे तो पुलिस ने कार की गहन तलाशी शुरू की। इसी दौरान पिछली सीट के नीचे बने सीक्रेट चेंबर और उसमें रखे दो पीठू बैगों से 6 प्लास्टिक बॉक्स बरामद हुए। बॉक्स खोलते ही भीतर भारी मात्रा में सोने के विभिन्न आभूषण मिले। जांच में इन आभूषणों का कुल वजन 7512.488 ग्राम निकला, जिसकी कीमत 9 करोड़ 17 लाख 84 हजार 220 रुपये आंकी गई। वहीं परिवहन में प्रयुक्त वोक्सवैगन कार की कीमत 10 लाख रुपये बताई गई। इस तरह कुल जब्ती 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 रुपये पहुंच गई। पुलिस ने तीनों युवकों को सोने से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए धारा 94 बीएनएसएस के तहत नोटिस दिया, लेकिन कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका। इसके बाद सिंघोड़ा पुलिस ने धारा 106 बीएनएसएस के तहत पूरी संपत्ति जब्त कर अग्रिम कार्रवाई के लिए आयकर विभाग और राजस्व सूचना निदेशालय छत्तीसगढ़ को सूचना भेज दी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि करोड़ों का यह सोना कहां से लाया जा रहा था, इसका असली मालिक कौन है और आखिर इसे किस नेटवर्क के जरिए कहां पहुंचाया जाना था। हाईवे पर हुई इस कार्रवाई ने अवैध सोना कारोबार और इंटरस्टेट ट्रांजिट रैकेट की बड़ी आशंका खड़ी कर दी है। फिलहाल, कार के गुप्त चेंबर से निकला यह सोना सिर्फ एक बरामदगी नहीं बल्कि कई बड़े नामों तक पहुंचने वाली सुनहरी कड़ी माना जा रहा है।
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