-विदेशी दौरों का शोर, राज्य में निवेश का जीरो स्कोर : प्रतुल शाह देव
-हेमंत सरकार की ‘टूर एंड ट्रैवल पॉलिसीÓ से नहीं बदलेगी युवाओं की किस्मत
-1.30 लाख करोड़ के निवेश दावों में धरातल पर शून्य प्रगति
रांची 19 मई (आरएनएस)। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए हेमंत सरकार को विदेश यात्रा और उसके दौरान किए गए निवेश के दागों पर घेरा।प्रतुल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्वीडन, स्पेन, दावोस एवं ब्रिटेन यात्राओं को “निवेश यात्रा नहीं बल्कि राजनीतिक पर्यटन यात्रा” करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बड़े-बड़े निवेश प्रस्तावों और लाखों रोजगार के सपने दिखाकर झारखंड की जनता को भ्रमित करने का काम किया, लेकिन आज तक कोई ठोस औद्योगिक परिणाम दिखाई नहीं दे रहा है।
प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं के बाद सरकार ने दावा किया था कि स्वीडन-स्पेन दौरे से ?3000 से ?4000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। इसी प्रकार डावोस और ब्रिटेन यात्रा के बाद ?1.27 लाख करोड़ के निवेश समझौते और लगभग 46,500 रोजगार सृजन की बात कही गई थी।प्रतुल ने कहा कि स्पेन की फाइरा डी बार्सिलोना कंपनी के साथ रांची में ?1500 करोड़ तक के विशाल कन्वेंशन सेंटर का दावा किया गया था, लेकिन आज तक भूमि चयन और वित्तीय मॉडल ही तय नहीं हो पाया।टेस्ला समूह कंपनी द्वारा लगभग ?1300 करोड़ के बैटरी भंडारण संयंत्र की चर्चा हुई थी, परंतु न भूमि आवंटन हुआ, न निर्माण प्रारंभ हुआ।स्पेन के एस्पनोल क्लब के साथ राज्य में फुटबॉल कोचों का प्रशिक्षण देने के समझौते आईवॉश था। स्वीडन में मुख्यमंत्री ने वोल्वो के प्लांट का दौरा किया था और घोषणा की थी कि वोल्वो झारखंड में भी इलेक्ट्रिक बस और ट्रक का प्लांट लगाएगी। माइनिंग के क्षेत्र में भी निवेश करेगा। जेट्रोन ग्रुप के साथ भी की गई सारी घोषणाएं भी हवा हवाई हो गई। प्रतुल शाह देव ने कहा कि डावोस यात्रा में टाटा स्टील के ?11000 करोड़ निवेश का भी व्यापक प्रचार किया गया, जबकि उसमें से अधिकांश योजनाएं पहले से प्रस्तावित विस्तार परियोजनाएं थीं। टेक महिंद्रा, हिताची, इंफोसिस, वेलस्पन और लुलु समूह जैसे नामों का उपयोग केवल समाचारों की सुर्खियां बटोरने के लिए किया गया। प्रतुल ने कहा मुख्यमंत्री कार्यालय ने घोषणा की थी कि जिंदल ग्रुप क्लीन एनर्जी के लिए ?30,000 करोड़ का न्यूक्लियर प्लांट, उड़ीसा एलॉय ?25,000 करोड़, रुंगटा समूह ?10,000 करोड़ का सरायकेला में पावर प्लांट, अमलगम स्टील ?5000 करोड़, अंबुजा सीमेंट गोड्डा में ?1600 करोड़ का सीमेंट प्लांट, सनशाइन ग्रुप एआई में ?3000 करोड़ का झारखंड में बड़ा निवेश करेगा। लेकिन अभी तक ना तो जमीन का अधिग्रहण हुआ और ना ही कोई रोड मैप बना। प्रतुल ने कहा कि यदि वास्तव में निवेश आया होता तो आज राज्य के युवाओं को रोजगार मिलता, औद्योगिक गतिविधियां दिखाई देतीं और निर्माण कार्य शुरू हो चुका होता। वह तुमने कहां हेमंत सरकार शिकारी विदेश यात्रा और राय निवेश के संबंध में श्वेत पत्र जारी करे। प्रेस वार्ता में सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।
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