जालंधर 20 May, (Rns): पंजाब में भीषण गर्मी और 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के मद्देनज़र जिले का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है और सभी सरकारी अस्पतालों, जिला अस्पताल, उपमंडल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शीतलन वार्ड स्थापित किए गए हैं।
सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने मंगलवार को जिले के नागरिकों को ‘हीट वेव’ यानी लू से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील करने के साथ ही विशेष एडवाइजरी भी जारी की। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने 18 से 24 मई तक पंजाब में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए जिले के अस्पतालों में एयर कंडीशनर, कूलर और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है ताकि लू से प्रभावित मरीजों का तुरंत इलाज किया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले की सभी एंबुलेंसों में तापमान मापने वाले यंत्र, बर्फ के पैक और ओआरएस के पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं ताकि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने से पहले ही प्राथमिक राहत दी जा सके।
डॉ. गर्ग ने कहा कि लू लगने के प्रमुख लक्षणों में तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, बेचैनी, शरीर का तापमान अचानक बढ़ना, चेहरा लाल होना और बेहोशी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर ले जाकर उसके कपड़े ढीले करने चाहिए और ठंडे पानी की पट्टियां करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि बेहोशी की हालत में मरीज को कोई भी तरल पदार्थ मुंह से नहीं देना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बेवजह बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को कपड़े, पगड़ी या टोपी से ढककर रखें तथा हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए अधिक मात्रा में पानी, लस्सी, शिकंजी और गन्ने के रस जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।साथ ही प्रशासन ने सार्वजनिक कार्यक्रमों और मैदानी गतिविधियों के दौरान पीने के पानी और छांव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

