मुंबई ,21 मई (आरएनएस)। बॉम्बे हाई कोर्ट ने आखिरकार अल जफजिया जहाज को गुजरात के अलंग शिप डंपयार्ड में ले जाने की इजाजत दे दी है. यह जहाज फ्यूल चोरी और बिटुमेन स्मगलिंग केस में कार्रवाई के दायरे में आए तीन जहाजों में से एक है. कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए भारतीय तटरक्षक (इंडियन कोस्ट गार्ड) और दूसरे संबंधित विभागों से सभी जरूरी पूर्व अनुमति ली जाए.
कोस्ट गार्ड ने फरवरी में भारतीय जलक्षेत्र में तीन जहाजों एमटी एस्फाल्ट स्टार, एमटी स्टेलर रूबी और एमटी अल जफजिया को रोका था. इसके बाद, उन्हें येलो गेट पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया गया. इन जहाजों पर ईरान से गैर-कानूनी तरीके से प्रतिबंधित बिटुमेन और फ्यूल ले जाने के आरोप हैं. इसलिए, जहाज मालिकों ने इन जहाजों को छोडऩे की मांग करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की.
हाई कोर्ट की अवकाश पीठ के जस्टिस गौतम अंखड़ के सामने बुधवार को याचिका पर सुनवाई हुई. राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता विक्रम परशुरामी ने दलीलें पेश कीं. कोर्ट को बताया गया कि जिन तीन जहाजों पर कार्रवाई होनी थी, वे अभी भी मुंबई तट पर खड़े हैं. जवाब में, जहाज मालिकों ने कोर्ट के सामने इन जहाजों को अलंग शिपयार्ड ले जाने की इच्छा जताई.
जांच एजेंसी ने इस कदम का विरोध किया, जहाजों को दूसरी जगह ले जाने पर इस आधार पर आपत्ति जताई कि उनमें से दो की जांच अभी भी चल रही है. इस पर संज्ञान लेते हुए, बॉम्बे हाई कोर्ट ने तीन जहाजों में से सिर्फ एक अल जफजिया को अलंग शिप डंपयार्ड ले जाने की इजाजत दी. कोर्ट ने मामले की सुनवाई 18 जून तक टाल दी है.
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