रांची,21 मई (आरएनएस)। झारखंड अलग राज्य गठन होने के बाद पहली बार 25 से अधिक नक्सलियों ने एक साथ अपने हथियार डाल दिए हैं. सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने भारी संख्या में हथियार और कारतूस भी पुलिस को सौंपे हैं. आत्मसमर्पण करने वालों में 25 भाकपा (माओवादी) और 2 जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के सदस्य हैं. इनमें आठ नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इन सभी के खिलाफ मिलकर कुल 426 नक्सलियों के मामले दर्ज हैं.
सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस और खुफिया विभाग का प्रयास अब जमीन पर दिख रहा है. पिछले एक महीने से सारंडा में सक्रिय दो दर्जन से ज्यादा नक्सली हथियार के साथ जंगल से निकलने का प्रयास कर रहे थे, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षित जंगल से बाहर निकाल लिया है.
धुर्वा स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में गुरुवार दिन के 11 बजे आयोजित विशेष कार्यक्रम में सभी नक्सली एक साथ आधिकारिक रूप से सरेंडर कर दिया. आत्मसमर्पण के साथ-साथ नक्सलियों ने आधुनिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी पुलिस को सौंपा है. जिनमें लाइट मशीन गन, 5 इंसास राइफल, 9 एसएलआर राइफल, 1 बोल्ट-एक्शन राइफल, 1 पिस्टल, 31 मैगजीन, 3000 राउंड जिंदा कारतूस शामिल हैं.
वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुण्डा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, नुअस, बुमली तियू, निति माई उर्फ निति हेंब्रम और लादू तिरिया इन सभी के ऊपर चाईबासा और अन्य थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.
जेजेएमपी संगठन के दो सदस्यों ने भी सरेंडर किया है. इनमें गुमला के अपर घाट का रहने वाला सचिन बैक और कलिगा का रहने वाला श्रवण शामिल है. सचिन बैक पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था और गुमला में उसके खिलाफ छह मामले दर्ज हैं. वहीं, श्रवण गोप के खिलाफ गुमला में 8 मामले दर्ज हैं.
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