चंडीगढ़,22 मई (आरएनएस)। पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने की बात कही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को बताया कि उनकी सरकार राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर खतरा पैदा करने वाले आवारा कुत्तों को हटाएगी और उनको आश्रय गृह में रखेगी। मान ने खतरनाक हो चुके कुत्तों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार इच्छामृत्यु देने की बात कही है।
मुख्यमंत्री मान ने एक्स पर लिखा कि पंजाब सरकार 19 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का पूरी तरह से और पूरी निष्ठा के साथ पालन करेगी। उन्होंने लिखा, सभी भीड़-भाड़ वाली सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाएंगे, ताकि बच्चे, बुज़ुर्ग और परिवार अपनी सुरक्षा को लेकर बिना किसी डर के आजादी से घूम सकें। हम पर्याप्त संख्या में डॉग शेल्टर बनाएंगे और उनका रखरखाव करेंगे, जहां आवारा कुत्तों की ठीक से देखभाल की जा सके।
मान ने आगे लिखा कि जिन मामलों में कुत्ते रेबीज से पीडि़त हैं, लाइलाज रूप से बीमार हैं, या स्पष्ट रूप से खतरनाक और आक्रामक होकर इंसानी जान के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं उनका कानूनी रूप से उपाय किया जाएगा। मान ने लिखा कि ऐसे कुत्तों को यूथेनेशिया (इच्छामृत्यु) दिया जाएगा। उन्होंने लिखा कि खतरनाक कुत्तों को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और पशु जन्म नियंत्रण नियमों के पूर्ण अनुपालन में ही इच्छामृत्यु दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारी की पीठ ने 19 मई को आदेश दिया कि सार्वजनिक आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने निर्देशों के कार्यान्वयन के लिए काम करने वाले अधिकारी के खिलाफ कोई एफआईआर और आपराधिक कार्यवाही से मना कर दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर आवश्यक हो तो राज्य को रेबीज संक्रमित, लाइलाज बीमारी, खतरनाक और आक्रामक कुत्तों को इच्छामृत्यु देने में संकोच नहीं करना चाहिए।
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