कांकेर 23 मई (आरएनएस) मोबाइल की एक गलत क्लिक जिंदगीभर की परेशानी बन सकती है और इसी खतरे से बचाने के लिए कांकेर पुलिस ने स्कूल परिसर को साइबर सुरक्षा की पाठशाला में बदल दिया। सेंट माइकल स्कूल कांकेर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में करीब 500 एनसीसी छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और महिला सुरक्षा के खतरों से रूबरू कराया गया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश साहू के मार्गदर्शन और उप पुलिस अधीक्षक अविनाश ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित किया गया। साइबर प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र कुमार साहू, साइबर टीम और महिला रक्षा टीम ने विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया के खतरनाक जाल की हकीकत बताई। छात्रों को ओटीपी फ्रॉड, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग, फेक आईडी, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड और लोन ऐप ठगी जैसे मामलों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना या निजी जानकारी साझा करना सीधे साइबर अपराधियों के जाल में फंसना है। कार्यक्रम में मोबाइल फोन के सुरक्षित और सकारात्मक उपयोग पर भी जोर दिया गया। छात्रों को बताया गया कि मोबाइल केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा और करियर निर्माण का मजबूत हथियार भी बन सकता है। महिला रक्षा टीम प्रभारी शशिकला साहू ने छात्राओं को अभिव्यक्ति ऐप, गुड टच-बैड टच, आत्मरक्षा और महिला सुरक्षा कानूनों की जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने खुलकर सवाल पूछे और पुलिस अधिकारियों ने व्यवहारिक तरीके से जवाब देकर उन्हें जागरूक किया। बहरहाल, कांकेर पुलिस का संदेश साफ है—डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है, क्योंकि एक छोटी लापरवाही साइबर अपराधियों को आपकी जिंदगी में घुसने का मौका दे सकती है।


