सूरजपुर 23 मई (आरएनएस) अब अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा, क्योंकि सूरजपुर पुलिस को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन अब घटनास्थल पर ही खून के धब्बों, फिंगरप्रिंट, कपड़ों के रेशों और डिजिटल साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच कर तुरंत साक्ष्य सुरक्षित करेगी, जिससे जांच तेज होगी और अदालत में मजबूत सबूत पेश किए जा सकेंगे। शनिवार 23 मई 2026 को कोतवाली सूरजपुर से इस हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को प्रदेश कार्य समिति सदस्य भीमसेन अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी और डीआईजी/एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने पूजा-अर्चना के बाद हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब तक अपराध स्थलों से साक्ष्य लैब तक पहुंचाने में देरी होती थी, जिससे कई बार महत्वपूर्ण सबूत दूषित होने का खतरा बना रहता था, लेकिन अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन और वैज्ञानिक परीक्षण संभव होगा। छत्तीसगढ़ पुलिस ने हाल ही में 32 आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का संचालन शुरू किया है, जिन्हें 18 मई को रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने रवाना किया था। डीआईजी/एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने बताया कि नई आपराधिक न्याय प्रणाली वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जांच को प्राथमिकता देती है और यह वैन मौके पर ही फिंगरप्रिंट डिटेक्शन, नारकोटिक्स टेस्टिंग और डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट जैसी सुविधाओं से जांच को धार देगी। वैन में जनरेटर सुविधा भी है, जिससे बिजली नहीं होने पर भी पांच घंटे तक लगातार काम किया जा सकेगा। संयुक्त संचालक एफएसएल आर.के. पैंकरा ने उपकरणों की जानकारी दी, वहीं बार एसोसिएशन अध्यक्ष बलराम शर्मा ने कहा कि अब एफएसएल रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और पीड़ितों को जल्दी न्याय मिल सकेगा। बहरहाल, सूरजपुर में शुरू हुई यह हाईटेक फॉरेंसिक व्यवस्था अब अपराध जांच की तस्वीर बदलने और अपराधियों के खिलाफ सबूतों की दीवार खड़ी करने जा रही है।


