जबलपुर,23 मई (आरएनएस)।खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देशनुसार शनिवार को उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे एवं जिला विपणन अधिकारी ने संयुक्त रूप से सिहोरा और मझोली स्थित रासायनिक उर्वरक डबल लॉक केंद्रों एवं गोदामों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान विक्रय केंद्रों पर किसानों की सुविधाओं की समीक्षा की गई तथा निर्देश दिए गए कि तपती धूप और गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर किसानों के बैठने के लिए शेड और ठंडे पानी की पुख्ता व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में किसानों की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। वर्तमान में कुल 37 हजार 778 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का स्टॉक गोदामों में सुरक्षित है। इनमें 20 हजार 684 मीट्रिक टन यूरिया, 9 हजार 268 मीट्रिक टन
सिंगल सुपर फास्फेट, 4 हजार 684 मीट्रिक टन एनपीके, 2 हजार 250 मीट्रिक टन टीएसपी और 892 मीट्रिक टन पोटाश शामिल है।
उप संचालक कटहरे ने किसानों से अपील की है कि वे आगामी खरीफ फसलों की मांग के अनुसार शीघ्र ही नजदीकी विक्रय केंद्रों से उर्वरक का क्रय कर लें। इससे जिले के गोदाम समय पर खाली हो सकेंगे, जिससे आगामी दिनों में रेलवे रैक के माध्यम से लगातार नई खाद की खेप (रैक) जिले को प्राप्त होती रहे। उन्होंने बताया कि इस बार किसान भाई पहली बार ‘ई -विकास प्रणाली’ के माध्यम से डिजिटल टोकन जारी करवाकर एक बार में ही फसल के लिए अनुशंसित पूरी खाद ले सकते हैं। आवश्यकता होने पर दोबारा टोकन जारी कराकर अपनी पसंद के केंद्र से मनचाही मात्रा खरीदी जा सकती है।
उप संचालक कृषि ने किसानों से आग्रह किया है कि फसलों की अच्छी पैदावार और भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए एनपीके (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश) को प्राथमिकता दें। उन्होंने फसल और भूमि की उर्वरा शक्ति को होने वाले नुकसान के मद्देनजर किसानों को आवश्यकता से अधिक रासायनिक खाद का उपयोग न करने की सलाह भी दी है।
उप संचालक कृषि ने शासन के कड़े निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि उर्वरक के साथ किसी भी अन्य उत्पाद (जैसे जिंक, टॉनिक या दवाई) को जबरदस्ती बेचना (टैगिंग करना) पूर्णत: प्रतिबंधित है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि जो भी बीज, खाद या कीटनाशक खरीदें, उसका पक्का बिल जरूर लें और निर्धारित सरकारी दर से अधिक राशि का भुगतान न करें। यदि कोई विक्रेता अधिक मूल्य की मांग करता है या जबरन दूसरा सामान थमाता है, तो तुरंत अपने विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी या अनुविभागीय कृषि अधिकारी को इसकी लिखित या मौखिक जानकारी दें, ताकि दोषी विक्रेताओं पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।

