भोपाल,23 मई (आरएनएस)।मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में गहराते जल संकट को लेकर भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री जी अब राजधानी के ठंडे कमरों और सरकारी फाइलों में दर्ज झूठी उपलब्धियों से बाहर निकलकर जनता की वास्तविक पीड़ा देखें। “जल गंगा संवर्धन” जैसे अभियानों के बड़े-बड़े दावे जमीन पर पूरी तरह विफल साबित हुए हैं और प्रदेश की जनता भीषण जल संकट से जूझ रही है।
पटवारी ने कहा कि यदि सरकार को अपने दावों की सच्चाई देखनी है तो उसे इंदौर जाना चाहिए, जहां आज लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जिस इंदौर ने भाजपा को लगातार विधायक, सांसद और सत्ता दी, आज वहीं की जनता पानी के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है। महिलाएं खाली बर्तन लेकर भटक रही हैं, लोग घंटों टैंकरों का इंतजार कर रहे हैं, कई स्थानों पर चक्काजाम हो रहे हैं और अब नागरिक पानी की मांग को लेकर भाजपा विधायकों के घरों तक धरना देने पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, सतना, मुरैना, शिवपुरी, खरगोन, बड़वानी और धार सहित प्रदेश के अनेक जिले गंभीर जल संकट की चपेट में हैं। स्थानीय निकाय पूरी तरह निष्क्रिय हैं और सरकार का पूरा तंत्र गहरी नींद में सोया हुआ है।
पटवारी ने इंदौर के भाजपा विधायक रमेश मेंदोला, सांसद शंकर लालवानी तथा जिले के प्रभारी मुख्यमंत्री से सवाल पूछा कि आखिर “स्मार्ट सिटी” कहे जाने वाले इंदौर में जनता पानी के लिए इतनी बेबस क्यों है? हजारों करोड़ रुपये की नल-जल योजनाओं और सरकारी घोषणाओं के बावजूद हर गर्मी में टैंकरों का कारोबार क्यों बढ़ जाता है?
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के संरक्षण में प्रदेशभर में “टैंकर माफिया” सक्रिय है, जो जल संकट जैसी आपदा में भी अवसर तलाश रहा है। सत्ता से जुड़े लोग पानी की खरीदी-बिक्री के धंधे में शामिल हैं, लेकिन उन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। भाजपा सरकार ने जल संकट समाप्त करने के बजाय पानी को कारोबार का माध्यम बना दिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने रायसेन जिले में पानी की तलाश के दौरान कुएं में डूबने से तीन आदिवासी बच्चियों की दर्दनाक मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत हृदयविदारक और सरकार की विफलता का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने दिवंगत बच्चियों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब पानी तक पहुंच बनाने का प्रयास भी जानलेवा होता जा रहा है। सरकार की लापरवाही और विफल नीतियों के कारण मासूम बच्चियों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। यह मोहन सरकार का नया “रिपोर्ट कार्ड” है, जो बताता है कि भाजपा सरकार अब जनता को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध कराने में असफल हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि बीते ढाई वर्षों का रिकॉर्ड यह स्पष्ट करता है कि भाजपा सरकार ने जल संकट का स्थायी समाधान खोजने के बजाय भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और निजी स्वार्थों को बढ़ावा दिया है। प्रदेश की जनता प्यास से बेहाल है, जबकि भाजपा से जुड़े लोगों की तिजोरियां पानी के कारोबार से भर रही हैं।
पटवारी ने मांग की कि प्रदेश सरकार तत्काल जल संकटग्रस्त जिलों में आपात व्यवस्था लागू करे, टैंकर माफिया पर सख्त कार्रवाई करे, जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए जवाबदेही तय करे तथा रायसेन की घटना की उच्चस्तरीय जांच कर पीडि़त परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान करे।

