नारायणपुर 25 मई (आरएनएस) जहां कभी डर और दूरी की दीवारें थीं, वहां अब भरोसे और विकास की नई फसल उगाने की कोशिश शुरू हो चुकी है। नारायणपुर के संवेदनशील पदमकोट इलाके में “विग्रह से विश्वास” की सोच को जमीन पर उतारते हुए नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर कृषि और बीज रोपण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसने गांवों में नई उम्मीद जगा दी। “माड़ मैत्री” अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को सिर्फ खेती नहीं सिखाई गई, बल्कि आत्मनिर्भरता और विकास का रास्ता भी दिखाया गया। पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया और 41वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट बेनुधर नायक के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन पदमकोट कैम्प कमांडर सहायक कमांडेंट दिनेश और सहायक कमांडेंट महिपाल ने किया। प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीणों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज चयन, वैज्ञानिक तरीके से बीज रोपण और पशुपालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। गांव के लोगों को खेती के लिए विभिन्न प्रकार के बीज भी वितरित किए गए ताकि वे बेहतर उत्पादन के साथ आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम में करीब 40 से 50 ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और खेती के नए तरीकों को समझा। जंगल और संघर्ष वाले इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों का यह मानवीय चेहरा ग्रामीणों के बीच भरोसा मजबूत करता दिखा। “माड़ मैत्री” अभियान के जरिए लगातार जनजागरूकता, विकास और विश्वास निर्माण की गतिविधियां चलाई जा रही हैं ताकि दूरस्थ ग्रामीण इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। बहरहाल, नारायणपुर के जंगलों में अब सिर्फ सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि विकास और विश्वास के बीज भी बोए जा रहे हैं।
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