0 मॉल्स एवं व्यावसायिक भवनों में नि:शुल्क पार्किंग, लिफ्ट सुरक्षा और वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
0 कलेक्टर ने ली व्यावसायिक एवं अन्य मल्टी स्टोरी भवन प्रबंधकों की बैठक
रायपुर, 26 मई (आरएनएस)। नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्रांतर्गत स्थित बड़े व्यावसायिक भवनों, मल्टीस्टोरी भवनों, मॉल्स तथा अन्य बड़े संस्थानों में स्थापित लिफ्टों के सुरक्षा मानकों, नियमित रख-रखाव, फिटनेस प्रमाण-पत्र एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रावधानों के परीक्षण के संबंध में आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने रेडक्रॉस में बैठक ली। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, फायर सिस्टम, पार्किंग एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि अस्पतालों, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स एवं मल्टीस्टोरी भवनों में लिफ्टों का नियमित एवं व्यवस्थित मेंटेनेंस अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के 5 मिनट तक भी लिफ्ट में फंसने पर कोई अपरिहार्य परिस्थिति निर्मित होती है तो संबंधितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (क्चहृस्) के तहत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई संस्थानों द्वारा लिफ्ट प्रबंधन के लिए विशेष रूप से लोगों एवं दिव्यांगजनों को नियोजित किया गया है। इस प्रकार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं। बकलेक्टर ने सभी संबंधित संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर लिफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम दुरुस्त करने, आवश्यक प्लानिंग तैयार करने, सभी लिफ्टों में चालू इमरजेंसी नंबर प्रदर्शित करने तथा पूरी मशीनरी को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सात दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके पश्चात पुलिस, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, होमगार्ड, नगर निगम एवं ष्टस्क्कष्ठष्टरु की संयुक्त टीम द्वारा भवनों का निरीक्षण किया जाएगा जो लिफ्टों की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था, इमरजेंसी नंबरों एवं अन्य सुरक्षा प्रावधानों की जांच करेगी। किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा मानवीय त्रुटि पाए जाने पर संबंधित भवन स्वामी को जिम्मेदार माना जाएगा। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि किसी दुर्घटना की स्थिति में ऑपरेटर नहीं, बल्कि भवन स्वामी जवाबदेह होंगे।
कलेक्टर ने सभी बड़े भवनों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सिस्टम को पूर्णत: कार्यशील रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा उपकरणों का नियमित परीक्षण एवं रखरखाव आवश्यक है। बैठक में मॉल्स एवं व्यावसायिक परिसरों में नि:शुल्क पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा सर्वोपरि है तथा पार्किंग व्यवस्था को लेकर निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना अनिवार्य है। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने कहा कि मॉल्स एवं बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आते हैं, इसलिए अपने यहां उत्पन्न होने वाले कचरे के व्यवस्थित निपटान की जिम्मेदारी संबंधित संस्थानों की है। उन्होंने निर्देश दिए कि संस्थान अपने स्तर पर वेस्ट सेग्रीगेशन, संग्रहण एवं डिस्पोजल की समुचित व्यवस्था विकसित करें तथा स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करें। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बैठक में कहा कि व्यापार किसी की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एडीएम उमाशंकर बंदे, जिला सेनानी पुष्पराज सिंह तथा नगर निवेशक आभाष मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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