रांची 28 मई (आरएनएस)। ईद-उल-अज़हा “बकऱीद” के अवसर पर राजधानी रांची के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों से रक्तदान को लेकर की गई विशेष अपील ने सामाजिक सरोकार और इंसानियत की मिसाल पेश की। “लहू बोलेगा” रक्तदान संगठन रांची एवं झारखंड थैलेसीमिया पीडि़त एसोसिएशन की पहल पर शहर के धर्मगुरुओं और इमामों ने नमाजियों से रक्तदान-महादान करने की अपील की। संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि रांची के ब्लड बैंकों में खून की भारी कमी को देखते हुए बकऱीद के मौके पर ईदगाहों और मस्जिदों से लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया। इस मानवीय और सामाजिक पहल को लोगों का सकारात्मक समर्थन मिला।
“लहू बोलेगा” और झारखंड थैलेसीमिया पीडि़त एसोसिएशन ने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष ईद और बकऱीद के अवसर पर ईदगाहों एवं मस्जिदों से रक्तदान के लिए सामाजिक और संवेदनशील अपील की जा रही है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों, विशेषकर थैलेसीमिया पीडि़त बच्चों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
संगठनों ने इस पहल में सहयोग देने वाले सभी धर्मगुरुओं, शहर ईदेन, इमामों, ईदगाह एवं मस्जिद कमेटियों के प्रति आभार प्रकट किया। विशेष रूप से डोरंडा ईदगाह के शहर ईदेन पीरे तरीक़त
अल्हाज सैय्यद शाह अलकमा शिब्ली साहब, हरमू ईदगाह के मुफ़्ती डॉ. असगऱ मिसबाही साहब, मौलाना डॉ. ओबैदुल्लाह क़ासमी साहब, मुफ़्ती कमरे आलम साहब, मुफ़्ती नुमान साहब सहित अन्य धर्मगुरुओं का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। यह जानकारी “लहू बोलेगा” रक्तदान संगठन रांची एवं झारखंड थैलेसीमिया पीडि़त एसोसिएशन के संस्थापक नदीम खान द्वारा जारी की गई।
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