अवैध निर्माण पर गिरी कोलकाता पोर्ट की गाज
कोलकाता,30 मई(आरएनएस)। महानगर कोलकाता के पोर्ट अंचल के वेस्ट पोर्ट थाना अंतर्गत ब्रुकलेन इलाके में आज भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक बड़ा अतिक्रमण उच्छेद अभियान चलाया गया। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान इलाके में बने तमाम अवैध निर्माणों को ढाह दिया गया। हालांकि, इस बड़ी कार्रवाई के बाद भी किसी प्रशासनिक अधिकारी ने इस पर खुलकर कुछ भी बोलने से परहेज किया, जिससे क्षेत्र में रहस्य और दहशत का माहौल बना हुआ है।
संयुक्त बल की मौजूदगी में कार्रवाई हुई.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह अभियान कोलकाता पोर्ट और कोलकाता पुलिस के एक संयुक्त प्रयास के तहत अंजाम दिया गया। ब्रुकलेन क्षेत्र में लंबे समय से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। आज सुबह अचानक प्रशासनिक अमला दलबल के साथ मौके पर पहुंचा और देखते ही देखते कई अवैध ढांचों को मलबे में तब्दील कर दिया। अचानक हुई इस तोडफ़ोड़ के कारण स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी मच गई और पूरे इलाके में दहशत का माहौल देखा गया।
इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद हैरान करने वाली बात यह रही कि मौके पर मौजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कैमरे या मीडिया के सामने स्पष्ट जानकारी देने को तैयार नहीं हुआ। जब इस पूरे मामले पर घटना स्थल पर मौजूद वेस्ट पोर्ट थाना प्रभारी स्नेहाशीष करन से बात की गई, तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा, “मैं इस विषय पर कुछ नहीं कह सकता। जो भी बोलना होगा, वह पोर्ट के अधिकारी ही बोलेंगे।”
जब मीडिया ने मौके पर मौजूद पोर्ट के अधिकारियों से संपर्क साधा, तो उन्होंने भी अपनी जिम्मेदारी से हाथ खींचते हुए कहा कि इस मामले पर जो भी आधिकारिक बयान होगा, वह सीपीआरओ देंगे।
मामले की पूरी सच्चाई और प्रशासनिक पक्ष जानने के लिए जब पोर्ट के सीपीआरओ से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। सीपीआरओ ने न तो फोन उठाया और न ही इस कार्रवाई को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी किया है।
प्रशासन के इस रवैये के कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और असमंजस है। लोगों का कहना है कि अगर यह अभियान पूरी तरह कानूनी था, तो अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने से कतरा क्यों रहे हैं? फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस और केंद्रीय बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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