काशीपुर 31 मई (आरएनएस)। उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। रविवार को प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित ऑनलाइन प्रांतीय बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों और शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जून के दूसरे सप्ताह में डोईवाला पब्लिक कॉलेज में संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जाएगी। इसी दौरान देहरादून जनपद की नई जिला कार्यकारिणी का गठन एवं निर्वाचन भी संपन्न कराया जाएगा। बैठक में तदर्थ एवं पीटीए शिक्षकों की लंबित समस्याओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने तदर्थ और पीटीए शिक्षकों के विनियमितीकरण, डी-ग्रेड प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति, पीटीए शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि, मानदेय भुगतान की कटऑफ तिथि को वर्ष 2025 तक बढ़ाने तथा वर्ष 2005 से पूर्व विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग उठाई। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में पिछले 15 वर्षों से कार्यरत 413 तदर्थ शिक्षकों का अब तक विनियमितीकरण नहीं हो पाया है, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आंदोलनात्मक कार्यक्रम शुरू करेगा। प्रांतीय महामंत्री डॉ. महावीर विष्ट ने कहा कि कई दौर की वार्ताओं और बैठकों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर निदेशालय में धरना-प्रदर्शन, प्रदर्शन और भूख हड़ताल जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। बैठक में अनिल शर्मा, दिगपाल गडिय़ा, संदीप रावत, गिरीश कोरंगा, सुरेंद्र रावत, अजय बिष्ट, कैलाश थपलियाल, एलडी पाठक, शैलेंद्र चौधरी, राजेश सैनी, मनोज सैनी, अवधेश सेमवाल, तरुण शर्मा, मनोज शर्मा, कैलाश अंडोला, जितेंद्र पुंडीर, संदीप मैंदौला, लक्ष्मण कोरंगा, सुरेन्द्र रावत, प्रकाश कालाकोटी रहे।
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