कोलकाता 1 जून (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री व तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने बीजेपी पर तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने और पार्टी नेताओं को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और सांसद कल्याण बनर्जी पर हुए हमले कोई सामान्य घटनाएं नहीं थीं, बल्कि इनके पीछे सुनियोजित साजिश थी। ममता ने चेतावनी दी कि यदि कोलकाता में विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली तो वह आंदोलन को दिल्ली तक ले जाएंगी।पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी को जान से मारने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं पर लगातार हमले कर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनकी पार्टी इससे डरने वाली नहीं है।
ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी ने 2 जून को कोलकाता के रानी रासमनी रोड पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी। उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कदम बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने के अधिकार को रोका जा रहा है। ममता ने कहा कि कुछ विधायकों और सांसदों को डराकर या प्रलोभन देकर टीएमसी को कमजोर नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि ऐसे प्रयासों से पार्टी और अधिक मजबूत होकर उभरेगी। ममता ने कहा कि विरोधियों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों का जनता सही जवाब देगी। ममता बनर्जी की यह प्रतिक्रिया उस घटना के बाद आई है, जिसमें अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में कथित हमला हुआ था। वह चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित एक परिवार से मिलने पहुंचे थे, जहां विरोध और हंगामे की स्थिति बनी थी। इसके बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया। बहरहाल ममता बनर्जी ने साफ कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी को लोकतांत्रिक विरोध की अनुमति नहीं दी गई तो वह दिल्ली जाकर आंदोलन करेंगी। उन्होंने कहा कि टीएमसी लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

