कबीरधाम, 2 जून (आरएनएस)। देवारपारा की गलियों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह खुद टीम के साथ मैदान में उतरे और नशे के अवैध कारोबार पर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। संदिग्ध मकानों, खाली प्लॉटों और छिपे ठिकानों की सघन तलाशी में जमीन के भीतर दबाकर रखा गया गांजा और बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। कुछ ही घंटों की इस कार्रवाई ने नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में ऐसा खौफ पैदा कर दिया कि पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), कोतवाली कवर्धा और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने देवारपारा क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल और अमित पटेल के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई के दौरान एसपी स्वयं मौके पर मौजूद रहे। जांच के दौरान देवारपारा निवासी दिवस झारिया (37 वर्ष), पिता घसिया झारिया के घर से 1.800 किलोग्राम गांजा और 69 पौवा अवैध शराब (12.420 लीटर) बरामद की गई। इसके अलावा सोनहरिन देवार के घर के सामने स्थित खाली प्लॉट में लावारिस हालत में 1.300 किलोग्राम गांजा और 61 पौवा अवैध शराब (10.980 लीटर) जब्त की गई। वहीं नकुल देवार के घर के बगल स्थित स्थान से भी लावारिस हालत में 1.500 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामद मादक पदार्थों और शराब के संबंध में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मौके पर मौजूद नागरिकों को संबोधित करते हुए एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि नशा समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है। उन्होंने लोगों से नशे से जुड़ी सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
बहरहाल, देवारपारा में हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि कबीरधाम पुलिस अब नशे के कारोबारियों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है और कानून की नजर से बचने के लिए जमीन में छिपाया गया गांजा भी अब सुरक्षित नहीं है।

