रायपुर निगम में नए आयुक्त का बड़ा संदेश, हड़ताल खत्म होते ही दिए सख्त निर्देश
रायपुर 4 जून (आरएनएस) रायपुर नगर निगम के नए आयुक्त संबित मिश्रा ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया है कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सफाई कर्मियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद उन्होंने अधिकारियों, ठेकेदारों और स्वच्छता अमले को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना चाहिए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।
वेतन भुगतान को लेकर हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मियों की काम पर वापसी के बाद आयुक्त ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मानदेय भुगतान में अनावश्यक देरी हुई तो संबंधित अधिकारियों के वेतन रोकने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
कमीशनखोरी पर जीरो टॉलरेंस
नगर निगम मुख्यालय में पार्षदों के साथ हुई बैठक में आयुक्त ने भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी अधिकारी के खिलाफ शिकायत मिलने पर यदि पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए जाते हैं तो तत्काल निलंबन और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
पार्षदों ने उठाए सिंडिकेट संचालन के आरोप
बैठक के दौरान कई पार्षदों ने स्वच्छता विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों के कथित गठजोड़ पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि इस सिंडिकेट की वजह से जमीनी स्तर पर काम प्रभावित हो रहा है और निगम की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त संबित मिश्रा ने कथित “महापौर गैंग” और “सेंट्रल गैंग” के नाम पर चल रही गतिविधियों की जांच कराने तथा दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
फर्जी हाजिरी और लापरवाही पर FIR की चेतावनी
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सफाई कार्यों में ढिलाई, फर्जी उपस्थिति, निर्धारित संख्या से कम कर्मचारियों की तैनाती या भुगतान संबंधी अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने से लेकर ब्लैकलिस्ट करने तक की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि रायपुरवासियों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब महंगी साबित होगी।

