अजय दीक्षित
तृणमूल कांग्रेस पश्चिमी बंगाल में टूट टूट कर बिखरने को है । यहां तक कि पचास विधायक,15 लोकसभा सांसद और 09राजसभा सांसद, एक आद हजार पार्षद, मेयर, म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के काउंसलर, कोलकाता की पूरी पार्षद दल, विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद घर बैठे हैं और पार्टी द्वारा बुलाए जाने पर भी कार्यक्रमों नहीं जा रहे हैं। अधिकतर लोग भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना चाहते हैं परंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने तय किया है कि किसी को शामिल नहीं किया जाएगा। यद्यपि सूत्रों माने तो राज्य सभा सांसदों को कुछ रियायत मिलने के संकेत हैं क्योंकि भारतीय जनता पार्टी को राज्य सभा में दो तिहाई बहुमत के लिए 15 सीट चाहिए क्योंकि उसके पास राजग की 148 सीट है।
तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी घर से निकलने हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। अभिषेक बनर्जी को ईडी सीबीआई का डर सता रहा है। बताया जाता है अभिषेक बनर्जी के पास 2००करोड़ की नामी बेनामी संपत्ति है।
सरकार के पूर्व मंत्री,कई विधायक,गुंडे, हफ्ता वसूली करने वाले, टोला वाजी करने वाले, बाग्लादेश मुस्लिम,सब परेशान हैं। पूरा बंगाल का रेडी, पटरी, अवैध मकान,जमीन घेरने वाले भाग रहे हैं या सीखचों का इतजार कर रहे हैं। जिसमें मुस्लिम अवैध धंधे बाज़,इनकी तो जैसे समत आ गई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के जयंत घोषाल कहते हैं कि जैसे बंगाल में अनुशासन आ गया है। हावड़ा जंक्शन, कोलकाता, मुर्शिदाबाद, मालदा, वीरभूमि, मेदिनीपुर, बांकुरा, चौबीस परगना, प्रेसीडेंसी कोलकाता,में जमकर अतिक्रमण तोड़े जा रहे है।1978 बाद पहली बार ईद की नवाज़ सड़क पर नहीं हुई बल्कि परेड ग्राउंड में हुई कोई भाषण नहीं किया।किसी भी सड़क पर बंगाल कोई नवाज नहीं हुई । अभी तो मुख्यमंत्री शिवेंदु अधिकारी का पूरा मंत्री मंडल नहीं बना है।
जिस पर ऐसे हालात है। बताया जाता है कि केंद्र सरकार ने बंगाल को चारसौ कंपनी बीएसएफ की दी है। सुबेंदु प्रतिदिन सुबह चार बजे से रात दो बजे तक सक्रिय है।अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने मुख्यमंत्री शिवेंदु अधिकारी गए थे 1 लाख करोड़ प्रस्ताव सड़क,बिजली,पानी, नेशनल हाईवे, देकर आए जो शायद 15 जून केंद्रीय मंत्री परिषद बैठक में पास होगे। जिसमें शिक्षा का उन्नयन, विश्वविद्यालय,कला संस्कृति, अध्यात्म, पर्यटन,का विशेष पैकेज भी शामिल होगा।
पश्चिमी बंगाल में 1977 में लेफ्ट पार्टियों की सरकार बनी लेफ्ट पार्टियों ने कांग्रेस का दामन किया यहां तक कि पूरा लोकतंत्र का अपहरण कर लिया और विपक्ष को नेस्तनाबूद करने का कार्य किया।23 वर्ष ज्योति बसु मुख्यमंत्री रहे और 11 वर्ष बुद्धदेव भट्टाचार्य मुख्यमंत्री रहे ।इन वर्षों में लेफ्ट पार्टियों ने बूथ जाम करने का नया तरीका ईजाद किया। लेकिन ममता बनर्जी जैसी जुझारू महिला ने अकेले दम पर 34 साल की लेफ्ट पार्टियों के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर में उखाड़ फेंका। लेकिन ममता बनर्जी 2016 तक तो कुछ हद तक लोकतांत्रिक रही थी लेकिन तुड़मूल ने भी लेफ्ट पार्टियों की तरह काम करना शुरू कर दिया। कट मनी, टोला वाजी, भ्रष्टाचार, भाई भतीजा बाद जम कर किया। लेफ्ट समाप्त होगयी थी ।2016 से पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी जड़े जमाना शुरू कर दिया था। भारतीय जनता पार्टी 2016 विधानसभा चुनाव में मात्र 11 फीसदी वोट लाकर तीन सीट ही जीत सकी।2019 के लोकसभा चुनाव मील का पत्थर साबित हुआ भारतीय जनता पार्टी ने 40 फीसदी वोट लाकर
42 में से 18 सीट जीती थी।2024 लोकसभा में वोट शेयर 39 फीसदी रहा मगर सीट 12 रह गई । 2021के विधानसभा चुनाव को भारतीय जनता पार्टी ने पूरे दम खम से लड़ा और 40 फीसदी वोट लाकर 77 सीट 294 में से जीती यह अदभुत था ।2026 में भारतीय जनता पार्टी ने 46 फीसदी वोट लाकर 207 सीट जीती और ममता बनर्जी युग का अंत कर दिया।
अब ममता बनर्जी की तुड़मूल कांग्रेस के समक्ष अस्तित्व का संकट उत्पन्न हो गया है क्योंकि तुड़मूल विचारधारा की पार्टी नहीं है। उसके लोग पहले सीपीएम सीपीई आरएसपी लेफ्ट पार्टियों में थे।
तृणमूल कांग्रेस अब हर स्तर पर बिखर रही हैं क्योंकि बंगाल में पार्टियों लोग धन कमाने रहते हैं।ये लोग हत्या, लूट, जुआ, अवैध शराब, कट मनी, टोला वाजी,में शामिल रहते हैं।
बंगाल में पिछले 50 वर्षों में इन लोगों ने सभी उद्योग धंधे बंद करा दिए। भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासन पार्टी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री शिवेंदु अधिकारी से कहा है कि बंगाल की कला संस्कृति, अध्यात्म, पर्यटन को जिंदा करने का कार्य करो।
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