मॉस्को,05 जून। भारत अपनी वायुसेना के लिए 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के लिए विकल्प तलाश रहा है। अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सुखोई एसयू-57 लड़ाकू विमान को लेकर भारत के सामने बड़ा प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि रूस उन्नत स्टील्थ क्षमताओं से लैस एसयू-57 का भारत के साथ संयुक्त रूप से उत्पादन करने के लिए तैयार है। पुतिन ने ये भी कहा कि वे विमान से जुड़ी तकनीकों को भी भारत के साथ साझा करेंगे।
सेंट पीटर्सबर्ग में पुतिन ने कहा, जहां तक एसयू-57 की बात है, हमने अपने भारतीय दोस्तों को प्रस्ताव दिया था, हम इस 5वीं पीढ़ी की तकनीक पर मिलकर काम करने को तैयार हैं। मुझे लगता है कि यह दुनिया में सबसे बेहतरीन है। यह विमान हमारी संयुक्त परियोजना हो सकता है। हम भारत को यह विमान उपलब्ध कराने और इसका विकास जारी रखने के लिए तैयार हैं। हमें कोई समस्या या सीमा नहीं है।
भारत ने पहले एसयू-57 में दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन 2018 में वायुसेना ने कदम पीछे खींच लिए थे। बताया गया था कि यह विमान उसकी जरूरतों को पूरा नहीं करता। हालांकि, हाल में ऐसी कई रिपोर्टें आई हैं कि भारत इस विमान को खरीदने पर फिर से विचार कर रहा है। कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत 40 से 50 एसयू-57 खरीदने की योजना बना रहा है, लेकिन अभी कुछ पुष्टि नहीं हुई है।
एसयू-57 19.8 मीटर लंबा और 4.74 मीटर ऊंचा सिंगल सीट विमान है। 18,000 किलोग्राम वजनी ये विमान अपने साथ 35,000 किलोग्राम वजन लेकर उड़ान भर सकता है। ये 2,100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एक बार में 3,500 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है। नाटो में इसे फेलन नाम से जाना जाता है और इसे अमेरिका के एफ-35 और चीन के जे-10 विमानों का प्रतिद्वंद्वी माना जाता है।
सुखोई की वेबसाइट के अनुसार, एसयू-57 पूरी तरह से नए कॉम्प्लेक्स तकनीकों से लैस है, जिसमें डीपली इंटीग्रेटेड एवियोनिक्स है। इसमें हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाले कई हथियार लगाए जा सकते हैं। एसयू-57 में रडार, इंफ्रारेड और दिखने वाली वेवलेंथ रेंज में कम दृश्यता की वजह से गुप्त हमले करने की क्षमता है। विमान में विस्फोट विरोधी ईंधन टैंक प्रणाली का इस्तेमाल किया गया है।
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