लखनऊ 5 जून (आरएनएस ): उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री के जल संरक्षण के दूरगामी विजन के तहत प्रारंभ किए गए मिशन अमृत सरोवर के अंतर्गत प्रदेश ने देश में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में राज्य में अब तक 19,900 से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जिससे उत्तर प्रदेश इस योजना के क्रियान्वयन में देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है।जानकारी के अनुसार, मिशन अमृत सरोवर की शुरुआत अप्रैल 2022 में जल संरक्षण, भू-जल स्तर सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत पुराने एवं उपेक्षित तालाबों को पुनर्जीवित कर उन्हें आधुनिक जल संरक्षण संरचनाओं के रूप में विकसित किया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गांवों में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि परंपरा और विज्ञान के समन्वय से तालाबों और जल स्रोतों का पुनरुद्धार किया जा रहा है, जिससे जल संकट, गिरते भू-जल स्तर और अनियमित मानसून जैसी चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटा जा सके।अमृत सरोवरों का निर्माण न्यूनतम एक एकड़ क्षेत्रफल में किया जा रहा है, जिनमें लगभग 10 हजार क्यूबिक मीटर जल संग्रहण क्षमता विकसित की जा रही है। इसके साथ ही वैज्ञानिक ढलान, मजबूत तटबंध और वर्षा जल संचयन संरचनाओं को शामिल किया गया है, जिससे जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।योजना के तहत सरोवरों के चारों ओर नीम, पीपल, बरगद और अर्जुन जैसे औषधीय, फलदार एवं छायादार वृक्षों का रोपण कर हरित पट्टी विकसित की जा रही है। इससे न केवल पर्यावरण संतुलन मजबूत हो रहा है, बल्कि मिट्टी के कटाव पर भी नियंत्रण पाया जा रहा है।सरकारी आंकड़ों के अनुसार अमृत सरोवर योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने 19,978 सरोवरों का निर्माण कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके बाद मध्य प्रदेश में 5,838 और कर्नाटक में 4,054 सरोवरों का निर्माण पूर्ण हुआ है। राज्य में हरदोई जिले ने 1,202 सरोवरों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि आजमगढ़ में 797 और गोरखपुर में 734 सरोवरों का निर्माण पूर्ण किया गया है।योजना के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में भू-जल स्तर में सुधार, सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि, कृषि उत्पादन में स्थिरता तथा पशुपालन और मत्स्य पालन के माध्यम से ग्रामीण आय में बढ़ोतरी देखी जा रही है। निर्माण कार्यों में स्थानीय श्रमिकों को रोजगार भी प्राप्त हुआ है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।जलवायु परिवर्तन के दौर में अमृत सरोवरों को हीटवेव, सूखा और अनियमित वर्षा जैसी परिस्थितियों में एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम दो अमृत सरोवर विकसित कर प्रदेश की जल संरक्षण क्षमता को और अधिक मजबूत करना है।ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, फेज-2 में भी उत्तर प्रदेश, ओडिशा और मध्य प्रदेश अग्रणी स्थान पर हैं, जिसमें ओडिशा ने 7,347, उत्तर प्रदेश ने 2,549 तथा मध्य प्रदेश ने 1,314 सरोवरों के निर्माण के लिए चिन्हांकन किया है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
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