लखनऊ 5 जून (आरएनएस ): उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री डॉ. सी.पी. राय ने नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और उससे उपजे हालात को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना के कारण लाखों छात्रों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है और कई परिवार गहरे सदमे में हैं।डॉ. राय ने जारी बयान में कहा कि लगभग 22 लाख से अधिक छात्रों ने वर्षों की कठिन मेहनत और परिवार की आर्थिक व मानसिक कुर्बानियों के बाद यह परीक्षा दी थी, लेकिन कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में खामियों के चलते उनका भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनटीए की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रही है और व्यवस्था को सुधारने में जिम्मेदार मंत्रालय विफल रहा है।कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि इस स्थिति के कारण कुछ छात्रों ने हताशा में आत्मघाती कदम उठाए हैं, जिनमें आकांक्षा चतुर्वेदी, प्रदीप मेघवाल और रितिक मिश्रा जैसे नामों का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गंभीर और दुखद स्थिति है, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी संबंधित विभाग और मंत्री को लेनी चाहिए।डॉ. सी.पी. राय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्रालय की लापरवाही के कारण परीक्षा प्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के बावजूद जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अब भी पद पर बने हुए हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि क्या एक मंत्री का पद छात्रों के जीवन से अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और एनटीए की प्रणाली में व्यापक सुधार के साथ एक पारदर्शी नई व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और तब तक आंदोलन जारी रहेगा जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती और परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं किया जाता। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि आखिर बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं क्यों हो रही हैं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों हो रहा है।
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