प्रथम ग्रीन फि़ल्म फेस्टिवल, कला, साहित्य, सिनेमा में पर्यावरण के स्वर पर व्याख्यान
प्रयागराज 5 जून (आरएनएस)। विश्व पर्यावरण दिवस पर भावाअशिप – पारिस्थितिक पुर्नस्थापन केन्द्र, प्रयागराज द्वारा “पर्यावरण पर्व” कार्यशाला और ग्रीन फि़ल्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य जनमानस में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं हरित जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन करके किया गया। केन्द्र प्रमुख डॉ. संजय सिंह ने उपस्थित वक्ताओं का स्वागत करते हुए पर्यावरण पर्व पर प्रकाश डाला। इसी क्रम में केन्द्र द्वारा 34 वर्षों में किए गए कार्यों पर आधारित डॉ. संजय सिंह तथा डॉ. अनुभा श्रीवास्तव द्वारा लिखित पुस्तिका का विमोचन किया गया। कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो. कुमार बीरेंद्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने कहा कि हिन्दी साहित्य में पर्यावरण का चित्रण प्रकृति, वन, नदी, पर्वत और जीवन जंतुओं के माध्यम से किया गया है। कवियों और लेखकों ने पर्यावरण संरक्षण का सन्देश देते हुए मानव और प्रकृति के गहरे सम्बन्ध को दर्शाया है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में वानिकी की भूमिका से अवगत कराया साथ ही वानिकी को बढ़ावा देने की बात कही। केन्द्र प्रमुख डॉ. संजय सिंह ने वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से भारतीय और पश्चिमी सिनेमा पर्यावरण को केन्द्र में रखकर फिल्मो का विशेषण किया।
कार्यशाला का सफल संचालन केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं आयोजन सचिव डॉ. अनुभा श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यशाला के दूसरे तकनीकी सत्र में ग्रीन फि़ल्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जिसमें नगर के सम्मानित संस्थानों के दर्शक आदि उपस्थित रहे।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

