अयोध्या 5 जून (आरएनएस)। पूराकलन्दर क्षेत्र में ट्रैक्टर एजेन्सी के द्वारा फर्जी बीमा कराये जाने धोखाधड़ी,जालसाजी और कूट रचना के सहारे पैसा हड़पने के बहुचर्चित मामले जेल के सलाखों के पीछे निरूद्ध आरोपित उमाशंकर यादव की जमानत प्रार्थना पत्र सुनवाई के पश्चात् मंजूर हो गयी है। यह आदेश जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने सुनवाई के दौरान मामले के तथ्यों की परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुये दिया है। यह मामला अयोध्या जनपद के पूराकलन्दर थानान्तर्गत डाभासेमर स्थित जय माँ विन्ध्यवासिनी आयशर एजेन्सी का है। आरोपित पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता शावेज जाफरी ,अधिवक्ता सृजन श्रीवास्तव ने पैरवी किया। न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर बहस करते हुये तर्क दिया कि आरोपित जेल में निरूद्ध है। वह निर्दोष है प्रस्तुत मामले में उसे झूठा नामित किया गया है उसने कोई अपराध किया नहीं है। कथित अपराध से उसका प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष किसी प्रकार का कोई सम्बन्ध नहीं है। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है वह जमानत देने के लिए तैयार है। उसे जमानत पर अवमुक्त करने की याचना की गयी है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक जगन्नाथ पुत्र मंशाराम निवासी ग्राम सराय चौमल थाना पूराकलन्दर ने 13 अगस्त 2021 को जय माँ विन्ध्यवासिनी आयशर एजेंसी अयोध्या के मालिक उमाशंकर से 333 आयशर ट्रैक्टर खरीदा था और एजेन्सी द्वारा उपरोक्त ट्रैक्टर का फाइनेन्स इण्डोसेंस बैंक से करवाया था। इस दौरान उमाशकर ने कहा था कि फाइनेन्स की धनराशि का भुगतान होने के बाद वाहन का कागज व बीमा मिलेगा। वादी ने जब फाइनेन्स का पूर्ण भुगतान होने के उपरान्त मई 2025 को एजेन्सी पर उपर्युक्त वाहन के कागजात हेतु गया तो उमाशंकर ने कहा कि पहले वाहन के बीमा हेतु पैसा जमा करिये। बीमा होने के उपरान्त ही कागजात मिल पायेंगे। वादी ने रामकरन, अजय कुमार, शिवम की मौजूदगी में उमाशंकर को पैसा दिया था। जिसके उपरान्त पीडि़त को वाहन का कागज व बीमा प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। 6 जनवरी 2026 को थाना कैण्ट जिला अयोध्या पुलिस ने वादी का उपरोक्त वाहन मु0अ0सं0 6/2026 को बीएनएस की विभिन्न धाराओं में वाहन निरूद्ध कर दिया गया था। जिसके अवमुक्त के सम्बन्ध में वादी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया जांच के दौरान पीडि़त को मालूम चला कि आरोपित द्वारा दिया गया बीमा प्रमाण पत्र फर्जी एवं कूटरचित है। आरोपित ने पीडि़त के बीमा धनराशि का पैसा धोखाधड़ी करते हुये हड़प कर लिया गया और पीडि़त को फर्जी और कूटरचित तरीके से बीमा प्रमाण पत्र तैयार करके दे दिया गया। इस तरह पीडि़त के साथ आरोपित ने छल व धोखा किया गया है। यह मुकदमा थाना पूराकलन्दर में 109/2026 के तहत बीएनएस की कई गम्भीर धाराओं में दर्ज कराया गया।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

