अयोध्या 5 जून (आरएनएस)। खण्डासा क्षेत्र में कूटरचित तरीके से अपने हिस्से से अधिक भूमि का बैनामा फर्जी ढंग से करने के मामले में आरोपित संदीप ओझा की जमानत प्रार्थना पत्र सुनवाई के पश्चात् मंजूर हो गयी है। यह आदेश जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए दिया है। यह मामला अयोध्या जनपद के खण्डासा थाना क्षेत्र का है। आरोपित पक्ष से अधिवक्ता राकेश मिश्र व रणधीर पाण्डेय ने जमानत प्रार्थना पत्र पर पैरवी किया। तर्क दिया गया कि वह निर्दोष है। प्रस्तुत मामले में उसे गलत तथ्यों के आधार पर फर्जी फंसाया गया है। प्रथम सूचना रिपोर्ट प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 173 (4) के माध्यम से पंजीकृत करायी गयी है। उसके विरूद्ध कोई विश्वसनीय साक्ष्य नही है। उसके द्वारा कथित अपराध नही किया गया है। वह जमानत देने को तैयार है। अभियोजन तथ्य के अनुसार वादी मुकदमा सूरज कुमार ने एक बैनामा प्रापर्टी डीलर शक्तिधर दूबे से दो लाख रूपये नगद डीलिंग का लेकर भूमि विक्रेता संदीप कुमार से गाटा संख्या 1679 एवं 1680 में से रकबा 0.0146 हे0 स्थित मौजा मोहम्मदपुर खण्डासा तहसील मिल्कीपुर जनपद अयोध्या से दिलाया गया था। जिसका रजिस्ट्रीकृत बैनामा दो लाख रूपये नगद बयाना के तौर पर बैनामा 25 अप्रैल 2023 से लगभग 15 दिन पहले संदीप कुमार द्वारा लेकर सात लाख नब्बे हजार रूपये बैंक खाते में लेकर बैनामा उपनिबंधन कार्यालय मिल्कीपुर में वादी के पक्ष में संदीप कुमार ने कर दिया गया। उसका दाखिल खारिज भी 12 अक्टूबर 2023 को हो गयी। वादी ने उक्त भूमि पर चौदह लाख अड़सठ हजार सात सौ तिरपन रूपये का होम लोन लेकर दो मंजिला मकान का निर्माण किया वादी ने 28 अगस्त 2025 को उपरोक्त गाटा की खतौनी देख रहा था तो उसे पता चला कि उसके दाखिल खारिज को न्यायालय तहसीलदार मिल्कीपुर अयोध्या द्वारा 23 जून 2025 को खारिज कर दिया गया और उक्त न्यायालय द्वारा अपने दूसरे आदेश 28 जून 2025 को उक्त गाटों में श्रीमती सावित्री की दाखिल खारिज का आदेश कर दिया गया। वादी उसी दिन तहसील मिल्कीपुर जाकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से पता किया तो पता चला कि प्रापर्टी डीलर शक्तिधर दूबे एवं विक्रेता संदीप कुमार ने मिलकर उसका पैसा लेकर बगैर क्षेत्रफल फर्जी कूटरचित बैनामा वादी को किया गया है। क्योंकि विक्रेता संदीप कुमार वादी के बैनामा से पहले उक्त गाटो में जो बैनामा कर रखा है जिस कारण उक्त गाटे में शेष क्षेत्रफल बचा ही नही रहा। इस आधार पर विपक्षीगण संदीप कुमार एवं शक्तिधर दूबे ने वादी को फर्जी कूटरचित जालसाज दस्तावेज रजिस्ट्रीकृत बैनामा किया गया है। वादी ने जब विपक्षियो से मिलकर पूछा तो उन लोगों ने अपशब्द कहते हुए धमकी दिया।
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