-सड़क पर दौड़ रही अमानक कार का परिवहन विभाग ने किया 21 हजार से अधिक का चालान
अयोध्या 5 जून (आरएनएस) राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की आधिकारिक कार में अवैध रूप से यात्री ढुलाई करते पकड़े जाने का मामला सामने आया है। नियमों को ताक पर रख कर चल रही कार नाका के पास जब परिवहन विभाग के हत्थे चढ़ी तो 21 हजार से भी अधिक का चालान काटा गया है। मेडिकल कालेज में प्राचार्य की अनुबंध पर लगी इनोवा कार (यूपी-44-बीएल-5115) सुल्तानपुर का रजिस्टर्ड वाहन है, जिसका आरसी रंजीत जायसवाल के नाम पर है। कार को चलाने वाला ड्राइवर मेडिकल कॉलेज का आउटसोर्स कर्मी बताया जा रहा है। परिवहन टीम ने जब कार रोकी तो उसमें अब्दुल नामक यात्री सवार था, जिससे लखनऊ जाने के लिए 200 रुपये भाड़ा तय किया गया था। चालान के मुताबिक ड्राइवर के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। परिवहन विभाग ने पांच अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई करते हुए कुल 21 हजार रुपये का चालान जारी किया। प्राचार्य इस दौरान छुट्टी पर थे। जानकारों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा प्राचार्य के लिए इनोवा कार अनुबंध पर ली गई है। इस कार का इस्तेमाल केवल आधिकारिक कामों के लिए होना चाहिए था, लेकिन इसमें निजी यात्री ढुलाई का काम किया जा रहा था। घटना सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है। परिवहन विभाग की ओर से यूपी मोटर वाहन अधिनियम एक्ट के तहत पांच धाराओं में कार्रवाई हुई है। इसमें बिना ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य मानक न पूरे होने पर 21250 रूपये का चालान हुआ है। आरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने बताया कि कार संख्या यूपी-44-बीएल-5115 का कामर्शियल उपयोग पाये जाने पर कार्रवाई की गई है। गाड़ी का कामर्शियल फिटनेस व परमिट भी नहीं मिला। वहीं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ दिनेश सिंह मर्तोलिया ने बताया कि मैं छुट्टी पर हूं। चालान की जानकारी नहीं है। इसके जिम्मेदार मोटर मालिक ही होंगे।
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