कोलकाता,06 जून(आरएनएस)। उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में राज्य पुलिस की एसटीएफ ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इलाके में एक बड़ा अभियान चलाते हुए भारी मात्रा में अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया है। इस छापेमारी का मुख्य केंद्र संदेशखाली के मणिपुर इलाके के दो प्रभावशाली तृणमूल कांग्रेस नेता रॉबिन दास और उनका भाई गोपाल दास थे।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, ये दोनों भाई लंबे समय से संदेशखाली के मुख्य आरोपी शेख शाहजहां के बेहद करीबी और वफादार माने जाते हैं। इसी इनपुट के आधार पर जांचकर्ताओं ने उनके घर और आसपास के इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया था।
जांचकर्ताओं का यह अभियान सिर्फ घर के कमरों तक ही सीमित नहीं रहा। जब एसटीएफ ने शक के आधार पर घर से सटे तालाब को खंगालना शुरू किया, तो वहां छिपाकर रखे गए हथियारों को देखकर हर कोई दंग रह गया। तालाब के पानी के अंदर से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। हालांकि, हथियार किस श्रेणी के हैं और उनकी सटीक संख्या कितनी है, इस बारे में जांच एजेंसी ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन प्राथमिक जांच में सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इलाके में बड़ी अशांति फैलाने और हिंसा की साजिश रचने के मकसद से ही इन खतरनाक हथियारों को यहां छिपाकर रखा गया था। तालाब से हथियार मिलने की खबर जैसे ही संदेशखाली में फैली, पूरे इलाके में भारी सनसनी और तनाव फैल गया। मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा होने लगी। स्थिति को बिगडऩे से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत अतिरिक्त बल बुलाया गया। इस छापेमारी में एसटीएफ के साथ संदेशखाली थाने की पुलिस और भारी संख्या में केंद्रीय बलों के जवानों को तैनात किया गया था। कड़े सुरक्षा घेरे के बीच जांच दल अभी भी इलाके के विभिन्न स्रोतों से जानकारी जुटाने में लगा हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रॉबिन दास और गोपाल दास का इलाके में लंबे समय से एकतरफा दबदबा था। वे शेख शाहजहां के रसूख का इस्तेमाल कर आम जनता को डराते-धमकाते थे। इतना ही नहीं, पूर्व में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर अत्याचार करने तथा उन्हें राजनीतिक रूप से प्रताडि़त करने के कई गंभीर आरोप भी इन दोनों भाइयों पर लग चुके हैं।
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