0 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों पर संवेदनशीलता और गुणवत्ता के साथ करें कार्यवाही
धमतरी, 10 जून (आरएनएस)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दिनांक 09 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का शुभारंभ किए जाने के पश्चात जिले में जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में कार्यवाही प्रारंभ हो गई है। हेल्पलाइन संचालन के दूसरे दिन अर्थात् 10 जून 2026 तक जिले में कुल 60 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनके समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए सभी विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों, अनुविभागीय अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने लॉगिन में प्राप्त आवेदनों का तत्काल परीक्षण करें तथा प्रत्येक प्रकरण पर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई आवेदन संबंधित विभाग अथवा कार्यालय से संबद्ध नहीं है, तो उसे प्राप्ति की तिथि से तीन दिवस के भीतर कॉल सेंटर को रिटर्न किया जाना अनिवार्य है। निर्धारित समय-सीमा के उपरांत आवेदन वापस करने की सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रभावी संचालन हेतु जिला पंचायत के मीटिंग हॉल में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। प्रशिक्षण के दौरान पोर्टल संचालन, शिकायतों के पंजीयन एवं निराकरण की प्रक्रिया, प्रोफाइल अद्यतन, लॉगिन संबंधी जानकारी तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही प्रशिक्षण सामग्री, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक एवं आवश्यक दिशा-निर्देश पूर्व में साझा किए जा चुके हैं।
प्राप्त आवेदनों के विश्लेषण के अनुसार सर्वाधिक 06 शिकायतें भूमि सीमांकन संबंधी तथा 04 शिकायतें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत अपात्र स्वीकृत आवासों की किश्त राशि से संबंधित प्राप्त हुई हैं। इसके अतिरिक्त विद्युत, कृषि, स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, खनिज, श्रम तथा अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें भी दर्ज की गई हैं।
कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शासन और आम नागरिकों के मध्य संवाद एवं समस्या समाधान का एक सशक्त माध्यम है। इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता न होकर वास्तविक समाधान आधारित होना चाहिए, ताकि आवेदकों को समय पर राहत प्राप्त हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक विभाग शिकायतों की नियमित समीक्षा करे तथा लंबित प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न होने दे। गुणवत्तापूर्ण निराकरण से न केवल आमजन का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास सुदृढ़ होगा, बल्कि सुशासन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी बल मिलेगा।
जिले के सभी विभागों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निर्धारित समय-सीमा के भीतर तथ्यपरक, संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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