0 कम मेहनत,कम समय में मिलती है बेहतर आय
= शैलेन्द्र ठाकुर =
दंतेवाड़ा, 10 जून (आरएनएस)। दंतेवाड़ा वन मंडल अंतर्गत नीलाम हाल, काष्ठागार डिपो दंतेवाड़ा में जिला स्तरीय लाख पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे किसानों को लाख की खेती से होने वाले आर्थिक लाभ एवं आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।प्रशिक्षण में जगदलपुर से पहुंचे मास्टर ट्रेनर एवं सीनियर एग्जीक्यूटिव अविनाश कैमरोन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि लाख लगाबो, लाखों कमाबो केवल एक नारा नहीं बल्कि किसानों के जीवन में बदलाव लाने वाली सच्चाई है। उन्होंने बताया कि कुसुम, पलाश एवं बेर के वृक्षों पर की जाने वाली लाख की खेती कम लागत, कम मेहनत एवं कम समय में किसानों को बेहतर आय प्रदान करती है।
उन्होंने महासमुंद जिले के किसान मिलिंद का उदाहरण देते हुए बताया कि वर्ष 2014 में विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने लाख पालन शुरू किया और वर्ष 2022 तक लाख की खेती से 30 एकड़ से अधिक भूमि खरीदी। कभी मजदूरी करने वाले मिलिंद के यहां आज 200 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बताया गया कि लाख की खेती से बंजर एवं अनुपयोगी भूमि का सदुपयोग किया जा सकता है। साथ ही वन विभाग द्वारा बीज लाख, प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। लाख की मांग फार्मा, कॉस्मेटिक एवं खाद्य उद्योगों में लगातार बनी रहने से किसानों को इसका अच्छा बाजार मूल्य भी प्राप्त होता है। कार्यक्रम में प्रबंधक, सहायक प्रबंधक, फड़ मुंशी सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के अंत में किसानों ने लाख पालन को आय का प्रमुख स्रोत बनाने का संकल्प लिया।
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