धमतरी, 11 जून (आरएनएस)। अपराध अनुसंधान को और अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से धमतरी पुलिस द्वारा राष्ट्रीय स्वचालित फिंगर प्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फिंगर प्रिंट तकनीक और आधुनिक जांच पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
पुलिस मुख्यालय नया रायपुर के निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में पुलिस मुख्यालय से आए फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ एवं डीएसपी राकेश नरवरे ने प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने जिला NAFIS कार्यालय, एमसीयू/सीआरपीआई शाखा एवं अभियोजन कार्यालय का निरीक्षण कर अधिकारियों को घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और फिंगर प्रिंट संरक्षण की बारीकियों से अवगत कराया।
प्रशिक्षण के दौरान चांस प्रिंट संरक्षण, फिंगर प्रिंट डेवलपमेंट, आदर्श अंगुली चिन्ह पर्णी तैयार करने, अज्ञात शवों के चर्म-पोरों को सुरक्षित रखने तथा NAFIS प्रणाली में फिंगर प्रिंट अपलोड करने और राष्ट्रीय स्तर पर उनके मिलान की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही घटनास्थल से फिंगर प्रिंट विकसित करने और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित करने का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया।
डीएसपी राकेश नरवरे ने बताया कि NAFIS तकनीक के जरिए अब देशभर में उपलब्ध फिंगर प्रिंट रिकॉर्ड का ऑनलाइन और त्वरित मिलान संभव हो गया है।इससे अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया अधिक सटीक और प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के बेहतर उपयोग से न्यायालयों में दोषसिद्धि की दर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

कार्यशाला के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया तथा उन्हें फील्ड में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि आधुनिक और वैज्ञानिक साक्ष्य आज अपराध अनुसंधान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने सभी विवेचना अधिकारियों को घटनास्थल से प्राप्त फिंगर प्रिंट एवं अन्य साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण करने तथा NAFIS प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय, डीएसपी राकेश नरवरे, डीसीबी प्रभारी सहित जिले के विभिन्न थानों एवं चौकियों से नामांकित विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।
वैज्ञानिक जांच, सशक्त अनुसंधान – आधुनिक पुलिसिंग की पहचान को केंद्र में रखकर आयोजित इस प्रशिक्षण को धमतरी पुलिस की जांच क्षमता को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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