गरियाबंद, 12 जून (आरएनएस)। जिले के शोभा थाना क्षेत्र के ग्राम गरीबा में एक सप्ताह से लापता पति-पत्नी की तलाश आखिरकार श्मशान घाट की मिट्टी के नीचे खत्म हुई। पुरानी रंजिश में हुए दोहरे हत्याकांड का ऐसा खुलासा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। आरोप है कि दंपती की हत्या के बाद शवों को बोरे में भरकर श्मशान घाट में दफना दिया गया था, ताकि किसी को वारदात की भनक न लगे।
मृतकों की पहचान राजाराम नेताम और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में पड़ोसी लखीराम नेताम, रघुराम नेताम और नकुल राम नेताम को गिरफ्तार कर लिया है।

० अंतिम संस्कार के दौरान हुआ सनसनीखेज खुलासा
जानकारी के मुताबिक, 6 जून को दंपती अचानक लापता हो गए थे। परिजनों और ग्रामीणों को उनकी कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। इसी बीच गांव में एक अन्य व्यक्ति की मृत्यु होने पर ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे। वहां उन्हें दो स्थानों पर ताजा खोदी और फिर भरी गई मिट्टी दिखाई दी। ग्रामीणों को संदेह हुआ क्योंकि गांव में हाल के दिनों में किसी अन्य व्यक्ति की मौत नहीं हुई थी। शक गहराने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
० खुदाई में निकले दो शव
सूचना मिलते ही शोभा थाना प्रभारी पवन वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। श्मशान घाट में खुदाई कराई गई तो वहां से दो शव बरामद हुए। पहचान करने पर पता चला कि ये शव एक सप्ताह से लापता राजाराम नेताम और आशो बाई नेताम के हैं।
० पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुरानी दुश्मनी के चलते आरोपियों ने दंपती की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से दोनों शवों को बोरे में भरकर श्मशान घाट में दफना दिया गया।
० फॉरेंसिक जांच से खुलेंगे और राज
पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद हत्या के तरीके और घटनाक्रम से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। एक सप्ताह तक दफन रहे इस दोहरे हत्याकांड के खुलासे ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है, जबकि पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़कर विस्तृत जांच में जुटी हुई है।
बंछोर
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