मुख्यमंत्री ने किया मामले के उच्च स्तरीय जांच कराने का ऐलान
जगदीश यादव
कोलकाता 12 जून (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ एक और बड़ा मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के महत्वाकांक्षी आयोजन ‘विश्व बांग्ला व्यापार सम्मेलनÓ को लेकर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। शुभेंदु अधिकारी का दावा है कि इस व्यापार सम्मेलन के नाम पर 635 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की हेराफेरी की गई है। मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का औपचारिक एलान भी कर दिया है। न्यूटाउन के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस सम्मेलन के नाम पर हुए 635 करोड़ रुपये के खर्च की पूरी जांच की जाएगी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्र सरकार की सफलताओं के एक युग (12 वर्ष) पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित बैठक के दौरान पूर्व सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा,”ममता बनर्जी ने विश्व बांग्ला व्यापार सम्मेलन के आयोजन के नाम पर इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों को 635 करोड़ रुपये बांटे हैं। हर बार दावा किया गया कि देश-विदेश के उद्योगपति बंगाल में निवेश के लिए तैयार हैं, लेकिन हकीकत में जमीन पर कोई उद्योग नहीं आया और राज्य में औद्योगिक सूखा बना रहा। हम इसे ऐसे ही नहीं छोड़ेंगे, इस पूरे मामले की जांच होगी।” इस दौरान मुख्यमंत्री ने फलता के ‘पुष्पाÓ प्रसंग का जिक्र करते हुए तंज कसा कि, “पुष्पा की हालत तो आप सब देख ही रहे हैं, कानून अपना काम करेगा और जांच होकर रहेगी।” इस मामले में राज्य सरकार जल्द ही एफआईआर (एफआईआर) दर्ज करेगी। शुभेंदु अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि आवश्यकता पडऩे पर मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के कोण से जांच के लिए इस मामले को केंद्रीय एजेंसी को भी सौंपा जा सकता है।
नए मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि अब राज्य में आने वाले किसी भी निवेश प्रस्ताव या उद्योगपति की पहले पूरी क्रिमिनल और फाइनेंशियल बैकग्राउंड चेकिंग की जाएगी, ताकि किसी भी तरह के फर्जीवाड़े से बचा जा सके। कोलकाता में केंद्र सरकार के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि उनके पास उन सभी भुगतानों की पूरी सूची और पुख्ता दस्तावेज मौजूद हैं, जो व्यापार सम्मेलन के नाम पर सरकारी खजाने से लुटाए गए। भूमि अधिग्रहण के संवेदनशील मुद्दे पर बोलते हुए शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया कि उनकी सरकार जबरन किसी की जमीन नहीं छीनेगी। उन्होंने कहा कि, कोई जबरदस्ती नहीं: उद्योगों, अस्पतालों या बुनियादी ढांचे के लिए कोई भी जमीन जबरन अधिगृहीत नहीं की जाएगी। सीएम ने कहा कि, जब लोगों को जमीन की सही कीमत मिलेगी, तो वे खुद आगे आकर जमीन देंगे।
बदलाव का उदाहरण: हाल के दिनों में अस्पतालों, बीएसएफ चौकियों और राष्ट्रीय राजमार्ग व रेलवे के विस्तार के लिए लोगों ने निर्धारित मूल्य पर खुद अपनी जमीनें सरकार को सौंपी हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि जनता सरकार के साथ है। राज्य का नया पूर्ण बजट आगामी 20 जून को पेश होने जा रहा है, जिससे बंगाल के लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री ने बजट के संकेत देते हुए बताया कि इस बार ग्रामीण और सीमांत लोगों के विकास के लिए 125 दिनों की कार्य योजनाÓ लाई जा रही है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए पश्चिम बंगाल के लिए 8,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि 22 तारीख तक पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी कि सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को किस दिशा में ले जा रही है। सरकार का एकमात्र लक्ष्य बंगाल को ‘आत्मनिर्भर पश्चिम बंगालÓ बनाना और खैरात बांटने की संस्कृति से बाहर निकालना है। बहरहाल आरोप है कि, पूर्व मुख्यमंत्री ने जनता की गाढ़ी कमाई के 635 करोड़ रुपये एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी की जेब में डाल दिए। हम इस मामले की तह तक जाएंगे। मामला दर्ज कर इसकी कड़ी जांच कराई जाएगी।”
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