नईदिल्ली,12 जून(आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कर्नाटक की अधिकारियों रोहिणी सिंधुरी (आईएएस) और डी. रूपा मौदगिल (आईपीएस) के बीच लंबे समय से चल रहे मानहानि विवाद को मध्यस्थता के लिए भेज दिया.
इस मामले की सुनवाई जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने की. बेंच ने सिंधुरी की उस याचिका पर सुनवाई की जिसमें कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें मौदगिल द्वारा सिंधुरी के खिलाफ दायर मानहानि के मामले पर संज्ञान लेने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा गया था. यह मामला 2023 में शुरू हुए दो अधिकारियों के बीच सार्वजनिक झगड़े से जुड़ा है.
बेंच ने कहा कि इस विवाद को लंबी कोर्ट कार्रवाई के बजाय मध्यस्थता से सुलझाया जा सकता है और यह भी चेतावनी दी कि चल रहे केस से दोनों के करियर को नुकसान हो सकता है.
बेंच ने कहा, दोनों बहुत अच्छे ऑफिसर हैं…इस कोर्ट का मानना है कि इस मामले को मध्यस्थता से सुलझाया जा सकता है. बेंच ने दोनों अधिकारियों के बीच समझौता कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस कुरियन जोसेफ को मध्यस्थ नियुक्त किया.
बेंच ने कहा, जस्टिस कुरियन जोसेफ, रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज को मध्यस्थ के तौर पर नियुक्त किया गया है. दोनों पार्टियां जस्टिस कुरियन जोसेफ के सामने पेश होंगी. अंतरिम राहत के तौर पर, दोनों पार्टियों के बीच दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई रोक दी जाएगी.
यह केस 2023 में दोनों अधिकारियों के एक-दूसरे पर लगाए गए पब्लिक आरोपों से शुरू हुआ. बाद में दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ मानहानि का केस शुरू किया. हाई कोर्ट ने सिंधुरी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें मौदगिल की शिकायत पर उनके खिलाफ शुरू की गई आपराधिक मानहानि की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी.
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