रायगढ़, 14 जून (आरएनएस)। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के कथित खेल की जांच में रायगढ़ पुलिस और परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रेवल्स एजेंसी पर संयुक्त दबिश दी है। जांच के दौरान बाहरी राज्यों के आवेदकों को रायगढ़ का निवासी दर्शाकर लाइसेंस बनवाने के मामले सामने आने के बाद करीब 180 लाइसेंसों और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस को शिकायत मिली थी कि स्थानीय स्तर पर संचालित बाबा ट्रेवल्स द्वारा ओडिशा एवं अन्य राज्यों के लोगों के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें रायगढ़ का निवासी दर्शाते हुए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया जा रहा है।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा तथा यातायात उप पुलिस अधीक्षक उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में आरटीओ और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने बाबा ट्रेवल्स में दबिश देकर दस्तावेजों की जांच की।
प्रारंभिक जांच में कई आवेदकों के पते समान पाए गए हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि बाहरी राज्यों के आवेदकों के लिए स्थानीय स्तर पर किरायानामा और शपथ-पत्र तैयार कर उन्हें रायगढ़ का निवासी दर्शाते हुए लाइसेंस के लिए आवेदन कराया गया। इसके अलावा कुछ मामलों में वास्तविक आवेदक के स्थान पर अन्य व्यक्तियों को ड्राइविंग परीक्षण में शामिल कर लाइसेंस जारी कराए जाने की आशंका भी जताई गई है।
पुलिस और परिवहन विभाग की टीम फिलहाल करीब 180 लाइसेंसधारियों के दस्तावेजों, निवास प्रमाणों और लाइसेंस प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है। यदि जांच में फर्जीवाड़ा या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों और एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि सड़क सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस बनवाना और उसका उपयोग करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारी वाहनों का संचालन करने वालों की पहचान कर सड़क सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जा सकेगा।
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