अहमदाबाद 15 June (rns) : एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 क्रैश मामले में पायलट संगठन ने बड़ी मांग की है. अहमदाबाद में एक साल पहले हुए इस हादसे में ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स’ ने दुर्घटना जांच ब्यूरो AAIB को पत्र लिखा है. जिसमें कुछ अहम सवाल उठाए गए हैं. पत्र के जरिए शुरुआती जांच रिपोर्ट में आई तकनीकी जानकारियों को चुनौती दी गई है. पायलट संगठन का दावा है कि सरकारी एजेंसी की रिपोर्ट और हाल ही में किए गए सिम्युलेटर टेस्ट के नतीजों में 14 सेकंड का एक बड़ा अंतर सामने आया है. जो पूरी जांच की दिशा बदल सकता है. अगर दोबारा जांच शुरू होती है तो कुछ और अहम जानकारियां सामने आ सकती है. इसलिए जांच के बाद ही पायलट सुसाइड जैसी अटकलों पर बात होनी चाहिए.
पायलट संगठन के अध्यक्ष कैप्टन सी एस रंधावा ने AAIB को जो पत्र भेजा है. उसमें कहा है कि उन्हें अमेरिका की कानूनी फर्म बीजली एलन के वकील डी माइकल एंड्रयूज का पत्र मिला है. इस लेटर में दावा किया गया है कि बोइंग-787 विमान पर किए गए सिम्युलेटर परीक्षण की AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में बताई गई समय-सीमा का समर्थन नहीं करते है. क्योंकि विवाद का मुख्य मुद्दा विमान के RAT सिस्टम से जुड़ा है. AAIB की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार ईंधन आपूर्ति बाधित होने के लगभग 4 से 5 सेकंड बाद RAT ने हाइड्रोलिक पावर देना शुरू किया था. लेकिन सिम्युलेटर परीक्षणों में यह समय करीब 18 सेकंड पाया गया। यानी दोनों के बीच लगभग 14 सेकंड का अंतर सामने आया है

