सावन के हर सोमवार को आसमान से होगी पुष्पवर्षा
मुख्यमंत्री खुद ग्राउंड जीरो से व्यवस्था पर रखेंगे नजर
कोलकाता,13 जुलाई (आरएनएस )। पश्चिम बंगाल में इस बार सावन का महीना ऐतिहासिक और अभूतपूर्व होने जा रहा है। राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में धार्मिक पर्यटन और प्राचीन मंदिरों के कायाकल्प को प्राथमिकता देते हुए शिवभक्तों (कांवडिय़ों) के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं का खाका तैयार किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के विशेष निर्देश पर इस बार श्रावणी मेले में एक अनोखा और भव्य प्रयोग किया जा रहा है, जिसके तहत सुल्तानगंज या अन्य राज्यों की तर्ज पर बंगाल में भी बाबा भोलेनाथ के भक्तों का दिव्य स्वागत होगा। अधिकारिक सूत्रों ने आज बताया कि, श्रावणी मेले का सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण इस बार तकनीकी व आध्यात्मिक सौंदर्य का मिश्रण होगा। मौसम अनुकूल रहने पर, सावन के प्रत्येक सोमवार को तारकेश्वर धाम जाने वाले जलयात्रियों और शिव भक्तों पर राज्य सरकार के हेलीकॉप्टर से आकाश से गुलाब के फूलों की वर्षा की जाएगी। बंगाल के इतिहास में कांवडिय़ों के स्वागत के लिए इस तरह का हवाई प्रयोग पहली बार देखने को मिलेगा। बजट प्रावधानों के तहत राज्य के तीन सबसे बड़े और प्रसिद्ध शिव तीर्थों को विशेष रूप से विकसित किया जा रहा है। हुगली का प्रसिद्ध तारकेश्वर धाम की सुंदरता, बुनियादी ढांचे और विकास के लिए 15 करोड़ की भारी-भरकम परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। जलपाईगुड़ी का जल्पेश मंदिर और भूटान सीमा पर स्थित जयंती क्षेत्र को भी इस कायाकल्प योजना में शामिल किया गया है।
गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करने वाले शिवभक्तों के लिए शेओड़ाफुली से तारकेश्वर तक के करीब 30 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग को पूरी तरह सुगम बनाया जा रहा है। हर 5 किमी पर सहायता केंद्र: इस पूरे मार्ग पर हर 5 किलोमीटर की दूरी पर अत्याधुनिक सरकारी शिविर लगाए जाएंगे।इन शिविरों में कांवडिय़ों के लिए आरामदायक विश्राम गृह, ओआरएस घोल, शुद्ध पेयजल और चौबीसों घंटे तैनात रहने वाले मेडिकल कैंप (चिकित्सा सुविधाएं) उपलब्ध रहेंगे।
प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देने और बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी स्वयं ग्राउंड जीरो पर उतर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं जानकारी साझा करते हुए बताया कि। वे आगामी 14 तारीख को तारकेश्वर धाम का दौरा करेंगे और वहाँ चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद, 16 तारीख को इस्कॉन के विशेष आमंत्रण पर वे कोलकाता में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक और भव्य रथयात्रा उत्सव में भी शामिल होंगे। बहरहाल बता दे कि, राज्य सरकार की इस पहल से न केवल बंगाल में धार्मिक पर्यटन को एक नई ऊंचाई मिलेगी, बल्कि उत्तर भारत की तर्ज पर बंगाल के शिव भक्तों को भी अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुविधाएं और सम्मान प्राप्त हो सकेगा।
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