० ब्लैक स्पॉट के सुधार, ऑटो जोन निर्धारण, अतिक्रमण हटाने एवं राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के दिए निर्देश
कोरिया, 13 जुलाई (आरएनएस)। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रोक्तिमा यादव की अध्यक्षता में आज जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को समन्वित कार्यवाही करते हुए सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले के चिन्हित तीन ब्लैक स्पॉट—खरवत चौक, सरडी तिराहा से रेलवे स्टेशन मार्ग तथा महोरा पेट्रोल पंप से पुलिया तक—की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को निर्देश दिए कि इन दुर्घटना संभावित स्थलों पर सड़क मरम्मत, रोड मार्किंग, चेतावनी एवं दिशा संकेतक, रिफ्लेक्टर, क्रैश बैरियर, प्रकाश व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
जिले के चिन्हित आठ ग्रे स्पॉट के संबंध में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस को संयुक्त निरीक्षण कर प्रत्येक स्थल का तकनीकी परीक्षण करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्यों का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर जिला सड़क सुरक्षा समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले में ऑटो रिक्शा के अव्यवस्थित संचालन पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, नगरीय निकाय एवं राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से ऑटो रिक्शा का जोन निर्धारण कर व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे यातायात व्यवस्था सुगम एवं सुरक्षित बन सके।
साप्ताहिक बाजार के दौरान बढऩे वाले यातायात दबाव की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने राजस्व विभाग, यातायात पुलिस एवं संबंधित नगरीय निकायों को संयुक्त निरीक्षण कर अवैध अतिक्रमण हटाने, सड़कों को बाधामुक्त बनाने तथा बाजार दिवसों के लिए प्रभावी यातायात प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
राहवीर योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को योजना के अंतर्गत 25,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग मानवता की भावना से आगे आकर दुर्घटना पीडि़तों की सहायता करें। इसके लिए अस्पतालों, पेट्रोल पंपों, टोल प्लाजा, बस स्टैंड, शैक्षणिक संस्थानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।
बैठक में पशुपालन विभाग एवं पंचायत विभाग को संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर अभियान चलाते हुए सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने, उन्हें गौशालाओं अथवा सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा संबंधित ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के समन्वय से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी बैठक में इस संबंध में की गई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना राहत योजना की समीक्षा के दौरान सड़क दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों की ऑनलाइन प्रविष्टियों एवं योजना के क्रियान्वयन की प्रगति अपेक्षित नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र प्रकरण की ऑनलाइन प्रविष्टि समय-सीमा में सुनिश्चित की जाए तथा लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिले के निजी चिकित्सालयों का संयुक्त निरीक्षण कर सड़क दुर्घटना पीडि़तों को उपलब्ध कराई जा रही उपचार सुविधाओं एवं निर्धारित मानकों का परीक्षण किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा नागरिकों को सुरक्षित यातायात वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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