सीएम शुभेंदु ने दी 1000 करोड़ के तीर्थक्षेत्र सर्किट को भी मंजूरी
कोलकाता,13 जुलाई (आरएनएस )। जग के नाथ जगन्नाथ भगवान की रथयात्रा के पावन अवसर पर बंगाल की भाजपा सरकार ने उत्सव को भव्य और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में इस राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में राज्य सचिवालय ‘नबान्नÓ के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने रथयात्रा उत्सव के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के साथ-साथ आयोजन कमेटियों के लिए एक बड़ा वित्तीय पैकेज जारी किया। राज्य सरकार की तरफ से कुल 60 रथयात्रा कमेटियों को 5-5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता (अनुदान) सीधे तौर पर प्रदान की गई है। इस राशि का मुख्य उद्देश्य रथों के निर्माण, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा व्यवस्था और उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं (जैसे पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और महाप्रसाद वितरण) अर्थात मूलभूत व्यवस्था को सुनिश्चित करना है।
सिर्फ यही नहीं मुख्यमंत्री ने बताया कि मुर्शिदाबाद के ऐतिहासिक किरीटेश्वरी मंदिर समेत बंगाल के सभी प्राचीन व हेरिटेज मंदिरों के पुनर्निर्माण के लिए एक विशेष ‘तीर्थक्षेत्र सर्किटÓ की रूपरेखा तैयार की गई है। अगले दो वर्षों में इस सर्किट के तहत व्यापक विकास कार्य किए जाएंगे, जिसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने शुरुआती तौर पर 1,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड आवंटित किया है।
राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री शुभेंदु ने स्पष्ट किया कि, रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सभी प्रमुख ऐतिहासिक और स्थानीय रथयात्रा मार्गों पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए जाएं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि रथयात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। सरकारी अनुदान के जरिए कमेटियों को व्यवस्थाएं और बेहतर करने में मदद मिलेगी। सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रबंधन के तहत राज्य के 75 पारंपरिक रथयात्रा मेला परिसरों जैसे महेश या महिषदल में विशेष सरकारी ‘सेवा केंद्रÓ स्थापित किए जाएंगे। जहां नगर पालिका और जिला प्रशासन मेधावियों को न्यूनतम सेवाएं सुनिश्चित करेगा।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

