जशपुर, 15 जून (आरएनएस)। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस, परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने रक्षित केंद्र जशपुर में स्कूल बस जांच एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया। शिविर में जिले की 15 स्कूल बसों की फिटनेस, दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करना था। जांच के दौरान बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र, परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी), रोड टैक्स तथा चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की बारीकी से जांच की गई।

यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने वाहन चालकों एवं परिचालकों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए सुरक्षित वाहन संचालन, नशामुक्त रहकर ड्राइविंग करने तथा बच्चों को सुरक्षित तरीके से बस में चढ़ाने और उतारने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बस चालकों और परिचालकों का नेत्र परीक्षण, रक्तचाप (बीपी) एवं शुगर जांच कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति का भी आकलन किया। जिला चिकित्सालय जशपुर के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई।
वहीं पुलिस की वाहन शाखा द्वारा बसों के हेडलाइट, ब्रेक लाइट, स्टीयरिंग, टायर, क्लच, एक्सीलेटर, सीटों की स्थिति, हॉर्न और रिफ्लेक्टर सहित अन्य तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण किया गया। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने बसों में आग लगने जैसी आपात स्थितियों से निपटने के उपायों की जानकारी भी दी।
संयुक्त टीम ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, आपातकालीन खिड़की, फस्र्ट एड किट, अग्निशमन यंत्र तथा स्कूल बस की पहचान संबंधी आवश्यक सुविधाओं की भी जांच की।
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षित और व्यवस्थित स्कूल परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ऐसे विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाते रहेंगे।
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