मुंबई,19 जून। भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह-सुबह आईटी सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। बाजार खुलने के कुछ ही देर बाद निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 6.5 प्रतिशत तक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आईटी कंपनियों के शेयरों में अचानक आई इस बिकवाली से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। इसके पीछे वैश्विक आईटी मांग को लेकर बढ़ती चिंताएं मुख्य वजह मानी जा रही है।
आईटी शेयरों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह ग्लोबल टेक कंपनी एक्सेंचर का कमजोर आउटलुक रहा। कंपनी ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान के ऊपरी स्तर को 5 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही, उसने चौथी तिमाही के लिए भी उम्मीद से कम रेवेन्यू का अनुमान दिया। इसके बाद निवेशकों को लगने लगा कि दुनियाभर में टेक्नोलॉजी सेवाओं की मांग धीमी पड़ सकती है, जिससे आईटी कंपनियों पर दबाव बढ़ गया।
कमजोर संकेतों का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर साफ दिखाई दे रहा है। इंफोसिस का शेयर करीब 8 प्रतिशत गिर गया, जबकि टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज , एम्फैसिस और परसिस्टेंट सिस्टम्स में 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा एचसीएल टेक, कोफोर्ज और एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज के शेयर भी 5 प्रतिशत से अधिक टूट गए। विप्रो और एलएंडटी टेक्नोलॉजी के शेयरों में भी गिरावट देखी गई, जिससे पूरे सेक्टर में दबाव बना हुआ है।
अमेरिकी बाजार में भी एक्सेंचर की नई गाइडेंस के बाद टेक कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। एक्सेंचर के शेयर 17 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए, जबकि कॉग्निजेंट, आईबीएम और दूसरी टेक कंपनियों में भी बिकवाली देखने को मिली। कंपनी ने बताया कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष से उसके कारोबार पर 40 करोड़ डॉलर का असर पड़ा है। हालांकि, एक्सेंचर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड और डाटा सेवाओं में निवेश बढ़ाने की योजना भी घोषित की है।
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

