नई दिल्ली, 15 जून (आरएनएस)। भारत के प्रमुख अंतरिक्ष उद्योग सम्मेलन इंडिया स्पेस कांग्रेस (ISC) 2026 के पांचवें संस्करण का आज नई दिल्ली में भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में 25 देशों के 700 से अधिक प्रतिनिधियों तथा 55 से अधिक भागीदारों एवं सहयोगी संगठनों ने भाग लिया। यह आयोजन क्षेत्र में वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय के सबसे बड़े सम्मेलनों में से एक माना जा रहा है। सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के अग्रणी प्रतिनिधियों, निवेशकों, रक्षा विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि अंतरिक्ष क्षेत्र का भविष्य विश्वसनीय साझेदारियों, मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं और वैश्विक सहयोग पर आधारित होगा। स्पेस इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SIA-India) के अध्यक्ष डॉ. सुब्बा राव पावुलुरी ने कहा, “वैश्विक अंतरिक्ष परिदृश्य की पुनर्कल्पना, सहयोग के नए मॉडल विकसित करना और अंतरिक्ष के अगले युग को साकार करना अलग-अलग लक्ष्य नहीं, बल्कि एक-दूसरे से जुड़े हुए अनिवार्य उद्देश्य हैं। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्थाएं अंतरिक्ष आधारित सेवाओं पर अधिक निर्भर होती जा रही हैं, अंतरिक्ष को महत्वपूर्ण अवसंरचना के रूप में देखा जाना चाहिए। भविष्य उन्हीं का होगा जो सुरक्षित, सुदृढ़ और टिकाऊ अंतरिक्ष क्षमताओं के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करेंगे।” सम्मेलन के पहले दिन अंतरराष्ट्रीय सहयोग को अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के भविष्य की आधारशिला बताया गया। भारत-थाईलैंड, भारत-ताइवान, भारत-कनाडा और भारत-फिलीपींस सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। थाईलैंड की अंतरिक्ष एजेंसी GISTDA के उप-कार्यकारी निदेशक फी चूसरी ने कहा, “थाईलैंड एक खुले और वैश्विक रूप से जुड़े अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। भारत और थाईलैंड के उद्योग जगत के बीच मजबूत सहयोग नई व्यावसायिक संभावनाओं के द्वार खोल सकता है और क्षेत्रीय अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकता है। इंडिया स्पेस कांग्रेस 2026 के आगामी सत्रों में होने वाली चर्चाएं इस बात की पुष्टि करती हैं कि वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का अगला अध्याय किसी एक देश या संस्था की उपलब्धियों से नहीं, बल्कि राष्ट्रों, उद्योगों, नवोन्मेषकों और संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारियों से लिखा जाएगा, जो एक सुरक्षित, सुदृढ़ और समृद्ध अंतरिक्ष भविष्य का निर्माण करेंगे।
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