रायपुर, 16 जून (आरएनएस)। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सोमवार को छत्तीसगढ़ के शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुई। करीब डेढ़ महीने बाद स्कूलों के द्वार खुलते ही परिसर बच्चों की चहल-पहल और किलकारियों से गुलजार हो उठे। प्रदेशभर में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, पुष्प वर्षा कर और पाठ्यपुस्तकें भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।
नए सत्र के शुभारंभ के साथ ही 16 जून से 27 जून तक प्रदेशभर में शाला प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान स्कूलों में नए विद्यार्थियों के नामांकन को बढ़ावा देने के साथ-साथ शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया जाएगा। पहली बार विद्यालय पहुंचे नन्हे बच्चों के लिए यह दिन उत्साह, जिज्ञासा और नई शुरुआत का प्रतीक बन गया। राजधानी रायपुर सहित विभिन्न जिलों के स्कूलों में शिक्षकों ने विद्यार्थियों का अभिनंदन कर उन्हें नई किताबें सौंपीं। कई स्कूलों में स्वागत कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को विद्यालयी वातावरण से परिचित कराया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नए शैक्षणिक सत्र के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, आत्मविश्वास और उत्साह के साथ नियमित अध्ययन करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की मेहनत ही भविष्य की सफलता का आधार बनेगी। उन्होंने बच्चों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढऩे, ज्ञान और संस्कारों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा दी। शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम 30 जून को आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें और साइकिलों का वितरण भी किया जाएगा।
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