सूरत,18 जून(आरएनएस)। देश की टेक्सटाइल राजधानी के रूप में पहचान रखने वाले सूरत के कपड़ा कारोबारियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। गुजरात सरकार ने शहर में देश के पहले विशेष टेक्सटाइल पुलिस स्टेशन की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह थाना विशेष रूप से कपड़ा उद्योग से जुड़े धोखाधड़ी, व्यापारिक विवाद और अन्य आर्थिक अपराधों की जांच के लिए समर्पित होगा।
सूरत का कपड़ा उद्योग देश के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में से एक है, जहां प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। लंबे समय से व्यापारी संगठन कपड़ा कारोबार से जुड़े मामलों के लिए अलग पुलिस स्टेशन की मांग कर रहे थे। सरकार की मंजूरी के बाद अब इस परियोजना को अगले एक से दो वर्षों में धरातल पर उतारने की तैयारी की जा रही है।
फेडरेशन ऑफ सूरत टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश हाकिम और सचिव दिनेश कटारिया ने बताया कि संगठन पिछले तीन वर्षों से विशेष टेक्सटाइल पुलिस स्टेशन की मांग कर रहा था। उनका कहना है कि इस पहल से कपड़ा व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
वर्तमान व्यवस्था में कपड़ा कारोबार से जुड़े धोखाधड़ी और आर्थिक अपराधों के मामले अलग-अलग थानों में दर्ज होते हैं। इसके कारण मामलों की निगरानी और जांच में कठिनाई आती है। कई बार एक ही आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की जानकारी एकत्र करना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
व्यापारियों का मानना है कि विशेष टेक्सटाइल पुलिस स्टेशन शुरू होने के बाद ऐसे मामलों की जांच अधिक व्यवस्थित और तेज गति से हो सकेगी। साथ ही बार-बार धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी तथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
कपड़ा उद्योग से जुड़े व्यापारियों ने राज्य सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे उद्योग की सुरक्षा और कारोबारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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