बीजापुर, 18 जून (आरएनएस)। ग्राम गंगालूर की निवासी किशोरी लकड़ा ने मेहनत, लगन और कौशल के बल पर सफलता की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी किशोरी को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत हैदराबाद में फैशन डिजाइनिंग एवं सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। इस प्रशिक्षण ने उनके जीवन को नई दिशा दी और आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त किया।
प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने आधुनिक सिलाई तकनीकों, फैशन डिजाइनिंग तथा ग्राहकों की पसंद के अनुरूप परिधान तैयार करने की बारीकियां सीखीं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्होंने अपने गांव में ही सिलाई कार्य शुरू किया और अपने हुनर को आजीविका का साधन बना लिया।
आज किशोरी लगभग 100 हितग्राहियों के लिए ब्लाउज सिलाई का कार्य कर चुकी हैं। प्रति ब्लाउज 350 रुपये की दर से कार्य कर उन्होंने 35,000 रुपये की आय अर्जित की है। इस आय से उन्होंने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
किशोरी की सफलता ने गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है। अब कई महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने और स्वरोजगार अपनाने के लिए आगे आ रही हैं। उनका मानना है कि यदि महिलाओं को सही प्रशिक्षण और अवसर मिले, तो वे अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
किशोरी लकड़ा की यह उपलब्धि दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, कौशल विकास और दृढ़ संकल्प से कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है। उनकी सफलता की कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
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