रायपुर, 18 जून (आरएनएस)। सफाई कर्मियों और ठेकेदारों के बाद अब नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी भी हड़ताल की राह पर हैं। लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। एकता संघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी देते हुए महापौर को ज्ञापन सौंपा है।
गुरुवार को एकता संघ और प्लेसमेंट कर्मचारी कल्याण संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर ‘काम बंद-कलम बंद आंदोलन किया। इस दौरान निगम मुख्यालय के सामने रैली निकालकर नारेबाजी की गई और प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया गया। इससे पहले कर्मचारी तीन दिनों तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो निगम के अधिकारी और कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। आंदोलन के संबंध में संघ ने महापौर मीनल चौबे को भी अवगत कराया है।
वहीं नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने कर्मचारियों की मांगों को महत्वपूर्ण बताते हुए राज्य शासन से सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र समाधान निकालने का आग्रह किया है। उन्होंने कर्मचारियों से भी जनहित को ध्यान में रखते हुए संवाद के माध्यम से समाधान तलाशने की अपील की, ताकि नागरिक सुविधाएं प्रभावित न हों।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि उनकी 9 सूत्रीय मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कर्मचारियों का नियमितीकरण, वेतन विसंगति दूर करना तथा प्लेसमेंट कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। कर्मचारी नेता विजय कुमार झा ने कहा कि वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए और सरकार को इसके लिए विशेष बजट की व्यवस्था करनी चाहिए।
नगर निगम कर्मचारियों के आंदोलन की चेतावनी के बाद अब प्रशासन और कर्मचारियों के बीच होने वाली वार्ता पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। यदि मांगों पर जल्द सहमति नहीं बनती है तो शहर की कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
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