ग्राम से निकलने वाली साढे पांच मीटर चैडी सडक से ग्रामीणो को हो रही दिक्कत, बायपास मार्ग का भी दिया गया समाधान
वारासिवनी 18 जून (आरएनएस)। मध्यप्रदेश से महाराष्ट राज्य को जोडने वाले बैनंगगा नदी पर जिले के सबसे बडे निर्माणाधीन घोटी धापेवाडा पुल का निरिक्षण आज अधिकारीयो के साथ कर पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कनेक्टिवीटी सडक मार्ग की तकनीकी दिक्क्त को दूर करने का प्रयास किया। गौरतलब है की इस विशालकाय पूल का कार्य जून 2027 तक पूर्ण होने की खुशी अभी से दोनो राज्यो के सीमावर्ती ग्राम मे नजर आने लगी है।
पूर्व मंत्री के प्रयासो से पूल निर्माण के लिये 40 करोड की राशी हुयी है स्वीक्रत…..
पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल के प्रयासो से मप्र शासन से पहले जिले के सबसे बडे घोटी पूल के लिये 40 करोड की राशी स्वीक्रत हुयी थी। पश्चात पुल को जोडने की दिशा मे ग्रामीण सडक से जिला सडक मे मद परिवर्तन कराकर डोंगरमाली से घोटी साढे पांच मीटर सडक का निर्माण कार्य भी तीव्र गति से शुरू करा दिया गया है।
लोक निर्माण व सेतू विभाग के अधिकारी रहे साथ मे…….
आज दोनो निर्माणाधीन कार्यो के निरिक्षण के समय पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल के साथ लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सिद्वार्थ जैन, पूल विभाग के उपयंत्री राकेश कुमरे, नरेन्द्र ठकरेले सरपंच,डा दशरथ कावडे,सुरेश दमाहे,शिवकुमार बडगे,शांतिलाल सुलाखे,दिनेश लिल्हारे,इंद्रकुमार खजरे, शंकर कावरे,श्रवण खरे,उमेश देवाहे,डोमन नगपुरे,टेकराम उपवंशी,युवराज कावरे,देवी ठकरेले, महेन्द्र उके,युगेश कावडे आदि साथ भी रहे।
कनेक्टिीवीटी सडक को जिला मद मे किया गया है परिवर्तीत……
इस अवसर पर मिडिया के सवालो पर पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कहा की सबसे बडे पुल के लिये मप्र शासन से 40 करोड की राशी से स्वीक्रत के पश्चात हमने ग्रामीण सडक का जिला सडक मे मद परिवर्तन कराकर 14 करोड की अतिरिक्त राशी से साढे मीटर चैडी सडक डोंगरमाली से घोटी पूल तक निर्माण कार्य शुरू करा दिया है।
मप्र व महाराष्ट राज्य के जुडने की लगभग 25 पंचायतो मे दिख रही है खुशिंया…..
विशाल पूल का कार्य तीव्र गति से शुरू है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

