रांची,18 जून(आरएनएस)। झारखंड की राज्यसभा सीट पर एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और प्रमुख उद्योगपति परिमल नाथवानी ने शानदार जीत हासिल कर ली है. 18 जून को हुए मतदान में नाथवानी ने अपनी मजबूत लोकप्रियता और क्रॉस वोटिंग के सहारे विपक्षी दलों को मात दी.
मतगणना में नाथवानी को पर्याप्त मत मिले, जिससे उनकी जीत तय हो गई. भाजपा और एनडीए घटक दलों ने उन्हें खुलकर समर्थन दिया था. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन समेत कई नेताओं ने पहले ही भरोसा जताया था कि नाथवानी आराम से चुनाव जीतेंगे.
परिमल नाथवानी (जन्म 1 फरवरी 1956) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कॉर्पोरेट अफेयर्स डायरेक्टर हैं. वे 2008 और 2014 में झारखंड से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. बाद में 2020 में उन्होंने आंध्र प्रदेश से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. अब झारखंड वापसी कर उन्होंने अपनी जड़ों को मजबूत किया है.
नाथवानी के नामांकन के समय विवाद हुआ था, लेकिन रिटर्निंग अधिकारी ने इसे मंजूर कर लिया. कांग्रेस ने इसका विरोध किया, लेकिन नाथवानी की उम्मीदवारी पर कोई असर नहीं पड़ा. उन्होंने नामांकन के दौरान कहा था कि हर दल से उन्हें समर्थन मिल रहा है और वे अपनी पिछली उपलब्धियों के आधार पर जीतेंगे.
वोटिंग से 16 जून को एनडीए विधायकों को रांची के एक पांच सितारा होटल में शिफ्ट किया गया था. यहां से एनडीए विधायकों ने अपनी एकजुटता दिखाने के लिए सभी 24 विधायकों की एक तस्वीर भी जारी की थी. यहां पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 21 भाजपा विधायक और आजसू, जदयू और लोजपा के एक-एक विधायक मौजूद थे. यहीं पर सभी विधायकों की मॉक वोटिंग भी कराई गई थी.
झारखंड में दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हुआ. एक सीट जेएमएम उम्मीदवार के पक्ष में लगभग तय मानी जा रही थी, जबकि दूसरी सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला था. जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार के मुकाबले नाथवानी एनडीए के मजबूत समर्थन के साथ उतरे. विधायकों की संख्या के लिहाज से एनडीए के पास पर्याप्त वोट थे, लेकिन क्रॉस वोटिंग की आशंका बनी रही.
निशिकांत दुबे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, झारखंड से राज्यसभा के चुनाव में एनडीए समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवाणी जी को जीत की बधाई , उन्हें कुल 28 मत मिले. कांग्रेस प्रत्याशी को केवल 20 वोट मिले और महागठबंधन की बुरी तरह हार हुई है.
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