रायपुर, 19 जून (आरएनएस)। राजधानी रायपुर में न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा विशेष आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए गए चार व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता और पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला के मार्गदर्शन में किया गया। वहीं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) तारकेश्वर पटेल और सहायक पुलिस आयुक्त सिविल लाइन रमाकांत साहू के निर्देशन में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
अभियान में थाना सिविल लाइन, देवेंद्र नगर थाना, एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट, अन्य थाना बल तथा रक्षित केंद्र के करीब 70 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम शामिल रही। टीम ने न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच और निगरानी की।
चेकिंग के दौरान परिसर में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई तथा संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर उनकी पहचान और गतिविधियों का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान चार व्यक्ति संदिग्ध पाए गए, जिनके खिलाफ थाना सिविल लाइन में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायालय परिसर में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना तथा किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आकस्मिक चेकिंग अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे।
अभियान के दौरान न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया। पुलिस का कहना है कि शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और बढ़ाई जाएगी तथा एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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