नई दिल्ली,19 जून(आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 21 जून को होने वाले नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा के संबंध में दो अलग-अलग याचिकाओं पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया.
ये मामले चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस वी मोहना की पीठ के सामने आए. पीठ ने कहा कि याचिका पर जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई करेगी, जो पहले से ही परीक्षा से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. जब एक वकील ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए उल्लिखित किया, तो सीजेआई ने कहा, नीट के सभी मामले जस्टिस नरसिम्हा की बेंच के सामने जाएंगे.
12 मई को, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने पेपर लीक के आरोपों के बीच मेडिकल एडमिशन के लिए 3 मई को हुए नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट), या नीट-यूजी को कैंसिल कर दिया था.
सीबीआई अभी मामले की जांच कर रही है, और 21 जून को दोबारा टेस्ट होना है. वकील अदील अहमद ने बेंच के सामने स्टूडेंट्स और नीट-यूजी कैंडिडेट्स की तरफ से दायर की गई एक अलग याचिका का जिक्र किया और तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की.
पीठ ने कहा कि इस याचिका पर जस्टिस नरसिम्हा की अगुवाई वाली बेंच सुनवाई करेगी, जिसके पास पहले से ही परीक्षा से जुड़ी याचिकाएं हैं. याचिका में केंद्र और दूसरों को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वे उम्मीदवारों की मांगों को ध्यान में रखते हुए 21 जून को परीक्षा कराने की संभावना पर फिर से विचार करें.
याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कैंडिडेट्स से मिले प्रतिनिधित्व का कलेक्शन किया और उन्हें रिकॉर्ड में रखा.
याचिका में कहा गया है, ”इन प्रतिवेदनों से चिंताओं में उल्लेखनीय एकरूपता का पता चलता है, जिनमें मानसिक पीड़ा, गंभीर चिंता, मूल परीक्षा रद्द होने से उत्पन्न अनिश्चितता, तैयारी के लिए अपर्याप्त समय, परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर आशंकाएं, अन्य परीक्षाओं की तारीखों से टकराव और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव शामिल हैं.ÓÓ
याचिका में कहा गया कि फिर से परीक्षा आयोजित करने के फैसले को चुनौती नहीं दी गई है और याचिकाकर्ताओं की शिकायत सिर्फ इस बात को लेकर है कि अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिए बिना ही पुनर्परीक्षा की तारीख मनमाने और अनुचित तरीके से तय कर दी गई.
याचिका में अधिकारियों को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को (परीक्षा की) तैयारी के लिए उचित समय देने के बाद नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा आयोजित की जाए.
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